व्हाट इस कंप्यूटर | क्या है | फुल फॉर्म | परिभाषा

व्हाट इस कंप्यूटर | क्या है | फुल फॉर्म | परिभाषा

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व्हाट इस कंप्यूटर | क्या है | फुल फॉर्म | परिभाषा | What is computer?

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कंप्यूटर होता क्या है कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है और इसकी परिभाषा क्या है और हम यह सब बातें इस आर्टिकल में कवर करेंगे ताकि आपके नॉलेज में और बढ़ोतरी हो ।

कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है | कंप्यूटर फुल फॉर्म

कंप्यूटर का पूरा नाम कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली यूज़ फॉर टेक्नोलॉजी एंड एजुकेशन रिसर्च है ( जिसे हिंदी में आमतौर पर संचालित मशीन विशेष रूप से प्रयुक्त तकनीक शैक्षणिक अनुसंधान कहते हैं ) Common Operating Machine Purposely used for Technological and Educational research

  • C : Common
  • O : Operating
  • M : Machine
  • P : Purposely
  • U : Used for
  • T : Technology and
  • E : Education
  • R : Research

कंप्यूटर क्या है ( व्हाट इस कंप्यूटर ) what is computer in Hindi

कंप्यूटर आमतौर पर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसमें यूजर अलग-अलग तरह की इंफॉर्मेशन या डाटा को इकट्ठा करके इसमें व्यवस्थित रूप से जमा कर सकता है। कंप्यूटर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है । इस कंप्यूटर की मदद से वर्तमान समय में हम घंटों का काम कुछ ही चंद मिनटों में पूरा कर सकते हैं ।

सीधी भाषा में कहें तो कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर द्वारा दिए गए निर्देशों का सटीक तरीके से पालन करता है इसमें डाटा स्टोर करने से लेकर उसे प्रोसेस करने तक की क्षमता होती है । कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तकनीकी और एजुकेशन रिसर्च के लिए जाता है।

कंप्यूटर की परिभाषा | ( कंप्यूटर डेफिनेशन इन हिंदी ) | computer definition in Hindi

कंप्यूटर की परिभाषा : कंप्यूटर यह अंग्रेजी शब्द कम्पयूट से बना है जिसका अर्थ गणना करना है हिंदी में इसे संगणक कहते हैं इसका उपयोग बहुत सी जानकारी को प्रोसेस करने तथा इकट्ठा करने के लिए होता है कंप्यूटर एक मशीन है जो डाटा ग्रहण करता है वह इसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए प्रोसेस करता है। कंप्यूटर कई प्रकार के उपकरणों को जोड़कर बनाई गई एक मशीन है जो इनपुट किए गए डाटा व निर्देशों के समूह को पढ़कर इनका तीव्र गति से प्रोसेसिंग कर आउटपुट परिणाम प्रदान करती है इस मशीन को निम्न उपकरणों के साथ जोड़कर बनाया गया है जैसे मॉनिटर, कीबोर्ड , माउस , एसएमपीएस , प्रोसेसर , सीपीयू फैन , मदर बोर्ड , रैम , ग्राफिक कार्ड आदि मिलाकर यह मशीन तैयार की गई है जो हमारे मुश्किल से मुश्किल काम को आसान बनाती है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं | Type of computer in Hindi

प्राप्त जानकारी के अनुसार तकनीकी के आधार पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं।

  • मिनी कंप्यूटर
  • माइक्रो कंप्यूटर
  • मेन फ्रेम कंप्यूटर
  • सुपर कंप्यूटर

मिनी कम्प्यूटर ( Mini Computer )

इस कंप्यूटर का आकार लगभग माइक्रो कंप्यूटर जैसा होता है परंतु कार्य क्षमता माइक्रो कंप्यूटर से मिनी कम्प्यूटर की अधिक होती है इन मिनी कम्प्यूटर का उपयोग फैक्ट्री में , बैंक में , बीमा कंपनी आदि में हिसाब किताब और डाटा एंट्री के लिए किया जाता है इस कम्प्यूटर पर एक से अधिक यूजर काम कर सकते हैं।

माइक्रो कंप्यूटर ( Micro Computer )

प्राप्त जानकारी के अनुसार टेक्निकल नजरिया से माइक्रो कंप्यूटर सबसे कम कार्य करने वाला कंप्यूटर है लेकिन यह माइक्रो कंप्यूटर सभी कामों को करने के लिए चुना जाता है। माइक्रो कंप्यूटर के लिए सबसे बड़ा सहयोग जब हुआ था 1970 में माइक्रो प्रोसेसर का आविष्कार हुआ था। वैसे तो यह कंप्यूटर छोटे व सस्ते होते हैं इसलिए इन कम्प्यूटर को उपयोग करने के लिए घर या बाहर किसी भी काम करने योग्य जगह पर लगाए जा सकते हैं इन माइक्रो कम्प्यूटर को नॉर्मली पिसी या कम्प्यूटर कहा जाता है।

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मेन फ्रेम कंप्यूटर ( Main Frame Computer )

मेनफ्रेम कंप्यूटर बहुत ही पावरफुल होते हैं इनकी रैम और स्पीड माइक्रो कंप्यूटर एवं मिनी कंप्यूटर की तुलना में बहुत अधिक होती है इन कंप्यूटर का प्रयोग नेटवर्किंग के लिए किया जाता है इन कंप्यूटर पर बहुत से टर्मिनल जुड़े हुए रहते है तथा इन टर्मिनल को कहीं पर भी रखा जा सकता है ऐसी नेटवर्किंग को LAN कहते हैं यानी लोकल एरिया नेटवर्किंग।

सुपर कंप्यूटर ( Super Computer )

सुपर कंप्यूटर आज के एडवांस जमाने का बहुत ही पावरफुल कंप्यूटर है इसमें अनेक सीपीयू समान क्रिया को समान प्रक्रिया कहते है । दुनिया भर का पहला सुपर कंप्यूटर आई.एल.एल.आई.ए.सी. है । भारत में cray-x MP 14 नामक पहला सुपर कंप्यूटर दिल्ली में स्थापित किया गया था इसका प्रयोग मौसम एवं कृषि संबंधित जानकारियों को प्राप्त करने के लिए किया गया था। जापान की कंपनी ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाया है जो 1 सेकंड में 28 अरब गणना कर सकता है। भारत ने भी कुछ समय पहले ही सुपर कंप्यूटर बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है ।

कंप्यूटर की विशेषताएं

कंप्यूटर की यूं तो बहुत सारी विशेषताएं हैं मगर कुछ खास विशेषताएं है जैसे :

  • speed
  • Accuracy
  • Permanent storage
  • Large Storage Capacity
  • Fast Retrieval

गति ( Speed )

जहां किसी व्यक्ति को कोई सा काम करने में महीनों या पूरा साल लग जाता है वहीं पर कंप्यूटर कुछ ही पल में सालों का काम बहुत ही जल्दी से खतम कर सकता है ।

गलती के बिना ( Accuracy )

कंप्यूटर का कोई सा भी काम लगभग बिना गलती का ही होता है और अगर किसी काम को करते वक्त कोई सी गलती हो जाती है तो प्रोग्राम या डाटा में या फिर व्यक्ति की गलतियों के कारण होती है। अगर प्रोग्राम और डाटा सही है तो कंप्यूटर हमेशा ही सही नतीजा देता है।

स्थायी स्टोरेज ( Parmanent Storage )

कंप्यूटर में लगी मेमोरी को डाटा , सूचना और निर्देशों के स्थाई स्टोरेज के लिए यूज़ में किया जाता है क्योंकि कंप्यूटर में डाटा और सूचनाएं इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डाली जाती है इसलिए डाटा या सूचनाएं खत्म होने की संभावना बहुत कम होती है

विशाल स्टोरेज क्षमता ( Large Storage Capacity )

कंप्यूटर में एक्सटर्नल और इंटरनल दो तरह के स्टोरेज होते हैं इंटरनल में हार्ड डिक्स , एसएसडी , मेमोरी कार्ड , मैग्नेटिक टेप , सीडी रोम में डाटा को सेव किया जा सकता है कम्प्यूटर में कम से कम स्थान में अत्याधिक सूचनाओं को सेव किया जा सकता है और कम्प्यूटर की स्टोरेज कैपेसिटी बहुत ज्यादा होती है।

तेज गति से डाटा प्राप्त करना ( Fast Retrieval )

कंप्यूटर के उपयोग से कुछ ही सेकंड में आवश्यक सूचना या इंपोर्टेंट डाटा को प्राप्त किया जा सकता है और रैम की मदद से यह काम और भी आसान हो जाता है।

कंप्यूटर की बेसिक जानकारी

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो निम्न प्रकार के उपकरणों से मिलकर बनती है जैसे एलसीडी या मॉनिटर , माउस , कीबोर्ड , मदर बोर्ड , सीपीयू और यह सब एक दूसरे के बिना अधूरे हैं लेकिन इसमें सबसे खास सीपीयू होता है क्योंकि सीपीयू के अंदर ही से सारी प्रोसेसिंग स्टार्ट होती है तब जाकर वह एलसीडी या मॉनिटर पर दिखाई देती है। CPU बहुत सी चीजों से मिलकर बना है जैसे मदर बोर्ड , प्रोसेसर , सीपीयू फैन , रैम , एसएमपीएस पावर सप्लाई आदि से मिलकर बनता है।

कंप्यूटर का इतिहास

सबसे पहले हमारी दुनिया में एबेकस डिवाइस का आविष्कार लगभग 600 ईसा पूर्व चीन में हुआ था एबेकस को सोरोबान के नाम से भी जाना जाता है इस डिवाइस की मदद से बीना कॉपी पेन या केलकुलेटर के गणितीय क्रियाओं को सरलता से हल किया जा सकता है क्या आप जानते है कम्प्यूटर की खोज का इतिहास 2000 वर्ष से भी पुराना है लेकिन कंप्यूटर के अविष्कार ने आज पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है आज हर कोई कंप्यूटर के बारे में जानना और समझना चाहता है।

कंप्यूटर की शुरुआत अबेकस के रूप में हुई थी। अबेकस लकड़ी का बना एक रैक होता है जिसमें दो तार लगे होते हैं। दोनों तार एक-दूसरे के समानांतर में स्थित होते हैं। तार के ऊपर मणिका आकार का वस्तु लगा होता था। उस मणिका को घुमाकर गणित के किसी आसान प्रश्नों का हल प्राप्त किया जाता था। दूसरे, वहाँ पर एस्ट्रोबेल लगा होता था जिसका उपयोग उसे आपस में जोड़ने में किया जाता था।

कंप्यूटर का विकास गणित की बड़ी संख्याओ की गणना करने के लिए किया गया था। कंप्यूटर का इतिहास यही बताता है कि इससे काफी ज्यादा प्रयास के बाद ही कंप्यूटर का विकास संभव हो सका है। क्या आप जानते हैं कि कंप्यूटर शब्द का इस्तेमाल कंप्यूटर के अविष्कार से पहले ही होता आ रहा है, पहले के समय में mechanical उपकरणों को चलाने वाले विशेषक व्यक्ति को ही कंप्यूटर के नाम से जाना जाता था फिर बाद में समय के साथ साथ यंत्रों में अलग प्रकार के बदलाव तथा सुधार किए जाने लगे तब जाकर आज के आधुनिक कंप्यूटर का निर्माण संभव हो सका जिसे हम कंप्यूटर के इतिहास के रूप में जानते हैं।

कम्प्यूटर का अविष्कार किसने किया था और कब किया था

कंप्यूटर के पिता के रूप में जिन्हें जाना जाता है वह एक ब्रिटेन के गणितज्ञ थे जिनका नाम चार्ल्स बेबेज था इन्होंने ही पहला सामान्य कंप्यूटर का अविष्कार किया था और आज उसी कंप्यूटर के आधार पर आज के कंप्यूटर बनाएं जाते हैं इसलिए चार्ल्स को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है इन्होंने 1830 में अपने आप चलने वाले कंप्यूटर की परिकल्पना की थी जिसे वे पैसों की कमी के कारण पूरा नहीं कर सके थे मगर हथरन होलेरिथ ने उनके अधूरे काम को पूरा किया जिसमें पंच कार्ड के इस्तेमाल से कृत्रीम स्मृति के प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता थी। इसीलिए चार्ल्स बेबेज़ को आधुनिक कंप्यूटर का पिता कहा जाता है।

कंप्यूटर के बुनियादी उपयोग क्या है ?

कम्प्यूटर का बुनियादी उपयोग यूजर से इनपुट डाटा लेकर उसे उपयोगी सूचना में बदलना है । कंप्यूटर एक तार्किक यन्त्र है जो साधारण इनपुट लेकर हमें कई प्रकार की गणना करने में सहयोग करता है।

कंप्यूटर के कितने गुण होते हैं ?

कंप्यूटर के यू तो बहुत से जैसे : speed , accuracy , permanent storage , large storage capacity , fast retrieval आदि
जहां किसी व्यक्ति को कोई सा काम करने में महीनों या पूरा साल लग जाता है वहीं पर कंप्यूटर कुछ ही पल में सालों का काम बहुत ही जल्दी से खतम कर सकता है ।

कंप्यूटर से क्या लाभ होते हैं ?

गति ( Speed ) : जहां किसी व्यक्ति को कोई सा काम करने में महीनों या पूरा साल लग जाता है वहीं पर कंप्यूटर कुछ ही पल में सालों का काम बहुत ही जल्दी से खतम कर सकता है ।
गलती के बिना ( Accuracy ) : कंप्यूटर का कोई सा भी काम लगभग बिना गलती का ही होता है और अगर किसी काम को करते वक्त कोई सी गलती हो जाती है तो प्रोग्राम या डाटा में व्यक्ति की गलतियों के कारण होती है। अगर प्रोग्राम और डाटा सही है तो कंप्यूटर हमेशा ही सही नतीजा देता है।
स्थायी स्टोरेज ( Parmanent Storage ) : कंप्यूटर में लगी मेमोरी को डाटा , सूचना और निर्देशों के स्थाई स्टोरेज के लिए यूज़ में किया जाता है क्योंकि कंप्यूटर में डाटा और सूचनाएं इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डाली जाती है इसलिए डाटा या सूचनाएं खत्म होने की संभावना बहुत कम होती है
विशाल स्टोरेज क्षमता ( Large Storage Capacity ) : कंप्यूटर में एक्सटर्नल और इंटरनल दो तरह के स्टोरेज होते हैं इंटरनल में हार्ड डिक्स , एसएसडी , मेमोरी कार्ड , मैग्नेटिक टेप , सीडी रोम में डाटा को सेव किया जा सकता है कम्प्यूटर में कम से कम स्थान में अत्याधिक सूचनाओं को सेव किया जा सकता है और कम्प्यूटर की स्टोरेज कैपेसिटी बहुत ज्यादा होती है।
तेज गति से डाटा प्राप्त करना ( Fast Retrieval ) : कंप्यूटर के उपयोग से कुछ ही सेकंड में आवश्यक सूचना या इंपोर्टेंट डाटा को प्राप्त किया जा सकता है और रैम की मदद से यह काम और भी आसान हो जाता है।

कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं ?

कंप्यूटर सिस्टम के दो मुख्य भाग होते हैं :
1. हार्डवेयर
2. सॉफ्टवेयर
1. हार्डवेयर : हार्डवेयर में कंप्यूटरों के वे समस्त पार्ट्स शामिल हैं, जो दिखाई देते हैं अथवा जिन्हें हम छू सकते हैं, जैसे- माउस, कीबोर्ड , मदर बोर्ड , सीपीयू फैन , रेम , प्रोसेसर , कुंजीपटल , इलैक्ट्रॉनिक और इलैक्ट्रिक सर्किट , एलइडी या मॉनिटर इत्यादि।
2. सॉफ्टवेयर : सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर के वो समस्त पार्ट्स होते है जिनको हम छू नहीं सकते सॉफ्टवेयर कहलाते है।

भारत के पहले कंप्यूटर का नाम क्या है ?

दुनिया को पहला कंप्यूटर सन 1940 के आखिर में मिला गया था , लेकिन भारत ने पहली बार सन 1956 में कंप्यूटर खरीदा था तब इसकी कीमत 10 लाख रुपये थी।

कंप्यूटर की खोज कब की गई थी ?

कम्प्यूटर की खोज का इतिहास 2000 वर्ष से भी पुराना है लेकिन कंप्यूटर को बनाने की शुरुआत 1830 के समय में Charles Babbage के द्वारा शुरू की गई थी।

कंप्यूटर का वैज्ञानिक नाम क्या है ?

कंप्यूटर का वैज्ञानिक नाम डिफरेंशिअल इंजन है।

कंप्यूटर सबसे पहले कहां बना था ?

कंप्यूटर सबसे पहले university of Pennsylvania में बना था दुनिया का सबसे पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार हुआ था सन 1945 में J. Presper Eckert और John Mauchly ने ENIAC ( Electronic Numerical Integrator and Computer ) का आविष्कार किया था।

कंप्यूटर का आविष्कार कितने सन में हुआ था ?

कंप्यूटर का आविष्कार हुआ था सन 1945 में।

सबसे पहले कंप्यूटर का नाम क्या है ?

सबसे पहले कंप्यूटर का नाम एबेकस डिवाइस है।

कंप्यूटर का जनक कौन है ?

अगर इसे सीधे तरीके से कहा जाये के कंप्यूटर का असल जनक कौन था तो तब कंप्यूटर का अविष्कार प्रसिद्ध मैकेनिकल इंजीनियर चार्ल्स बैबेज के द्वारा किया गया था। क्योंकि सबसे पहले उन्होंने ही प्रोग्राम करने योग्य कंप्यूटर का डिजाईन तैयार किया था. 1822 में Charles Babbage नें “डिफरेंशिअल इंजन” नाम से मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया था

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