Vyaktitva Ki paribhasha Dijiye Hindi Mein : व्यक्तित्व

Vyaktitva Ki paribhasha Dijiye Hindi Mein : व्यक्तित्व

Vyaktitva Ki paribhasha Dijiye Hindi Mein : व्यक्तित्व

Vyaktitva Ki paribhasha Dijiye Hindi Mein : व्यक्तित्व – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको व्यक्तित्व के बारे में बताने वाले है की व्यक्तित्व क्या होता है, इसका अर्थ, परिभाषा और इसके कितने प्रकार होते है सभी को हम इस आर्टिकल में बताने वाले है तो आर्टिकल पुरे ध्यान से पढ़िए ताकि आपको व्यक्तित्वा के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके तो आइये जानते है इसके बारे में

व्यक्तित्व का अर्थ l Vyaktitva ka Arth

हर एक व्यक्ति में कुछ ऐसी विशेषताएँ होती हैं, जिनके आधार पर वह परिस्थिति के प्रति विभिन्न प्रतिक्रियाएँ करता इन्हीं प्रतिक्रियाओं को हम एक शब्द में व्यक्तित्व कहते हैं। व्यक्तित्व से ही व्यक्ति के आकर्षण का पता चलता है। कुछ लोग आशावादी होते हैं, एवं कुछ निराशावादी यह आपको व्यक्ति के व्यक्तित्व से पता चल जाएगा।

व्यक्तित्व का अर्थ

व्यक्तित्व अंग्रेजी के पर्सनेल्टी शब्द का हिंदी रूपान्तर है, जिसकी उत्पत्ति यूनानी भाषा के पर्सेना शब्द से हुई, जिसका मतलब है नकाब या मुखौटा, एवं इसका व्यक्ति के आंतरिक स्वरूप से कोई लेना देना नहीं था। पर धीरे-धीरे व्यक्तित्व के अन्तर्गत व्यक्ति के आन्तरिक स्वरूप को भी सम्मिलित कर लिया गया एवं अब व्यक्तित्व एक प्रकार से व्यक्ति के शरीरिक गुणों, मानसिक गुणों तथा सामाजिक गुणों के योग को बताने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसीलिए व्यक्तित्व के अर्थ को हम निश्चित रूप से नहीं समझा सकते हैं, क्योंकि व्यक्तित्व व्यक्ति के समस्त गुणों, लक्षणों, क्षमताओं, विशेषताओं आदि की संगठित इकाई है, तथा इसकी व्याख्या करना सम्भव नहीं है।

व्यक्तित्व की परिभाषा | Vyaktitva Ki paribhasha

विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्तित्व की परिभाषा अपने-अपने ढंग से दी है, सबका व्यक्तित्व की परिभाषा के प्रति अपना-अपना दृष्टिकोण है। विभिन्न मनोविज्ञानिकों के जरिये दी गई व्यक्तित्व की परिभाषा में से यहाँ हम कुछ परिभाषाओं को दे रहे हैं –

एलपर्ट के अनुसार – व्यक्तित्व , व्यक्ति में उन मनोदैहिक अवस्थाओं का गत्यात्मक संगठन है , जिनके आधार पर व्यक्ति अपने परिवेश के साथ समायोजन स्थापित करता है।

डैशियल के अनुसार– व्यक्तित्व व्यक्ति के सभी व्यवहारों का वह समायोजित संकलन है, जो उसके सहयोगियों में स्पष्ट रूप से दिखलायी दे।

ड्रेवर के अनुसार – के दैहिक , मानसिक , नैतिक तथा सामाजिक गुणों के गतिशील और सुसंगठित संगठन के लिए , व्यक्तित्व शब्द का प्रयोग किया जाता है।

बिग तथा हण्ट के अनुसार – किसी व्यक्ति के समस्त व्यवहार – प्रतिमानों और उसकी विशेषताओं का योग ही उसका व्यक्तित्व है

वैलन्टाईन के अनुसार – व्यक्तित्व जन्मजात और आर्गेन प्रवृत्तियों का योग है।

बीसेंज एवं बीसेंज के अनुसार – व्यक्तित्व, मनुष्य की आदतों, दृष्टिकोणों और लक्ष्यों का संगठन है और प्राणीशास्त्रीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारकों के संयुक्त कार्य से उत्पन्न होता है।

वारेन के अनुसार – व्यक्तित्व व्यक्ति का सम्पूर्ण मानसिक संगठन है, जो उसके विकास की किसी भी अवस्था में होता है।

बोरिंग, लैंगफील्ड तथा वैल्ड के अनुसार – व्यक्तित्व से अभिप्राय है, व्यक्ति का अपने परिवेश के साथ स्थायी तथा अपूर्व समायोजन।

मनु के अनुसार – व्यक्ति के सभी पक्षों का एक विशिष्ट संकलन होता है , जो उसके सम्पूर्ण रूप को कुछ पक्ष , अन्यों की अपेक्षा अधिक विशिष्टता प्रदान करते है।

मॉटर्न के अनुसार – व्यक्तित्व, व्यक्ति के जन्मजात तथा अर्जित स्वभाव , मूल – प्रवृत्तियों , भावनाओं तथा इच्छाओं का योग होता है।

थार्प तथा शमुलर के अनुसार – व्यक्तित्व एक जटिल तथा एकीकृत प्रक्रिया है।

व्यक्तित्व की विशेषताएँ | Vyaktitva Ki Quality

  • आत्मचेतना
  • निरन्तर निर्माण की क्रिया
  • शारीरिक व मानसिक स्वास्थ
  • दृह इच्छा शक्ति

व्यक्तित्व के प्रकार | Vyaktitva Ke prkar

व्यक्तित्व के प्रकार से तात्पर्य व्यक्तियों के ऐसे वर्ग से है जो व्यक्तित्व गुणों की दृष्टि से एक दूसरे के काफी समान है। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों के द्वारा भिन्न-भिन्न ढंगो से वर्गीकृत किया गया है

क्रेशमर के अनुसार,

शिक्षा मनोवैज्ञानिक क्रेशमर ने अपनी पुस्तक ‘Physique and character’ में शरीर रचना के आधार पर व्यक्तित्व को निम्नलिखित प्रकार बताएँ है

  • लंबकाय
  • सुडौलकाय
  • गोलकाय
  • आसाधारण

युंग के अनुसार,

शिक्षा मनोवैज्ञानिक युंग ने अपनी पुस्तक Psychological types में मानव के प्रकृति के आधार पर व्यक्तित्व के निम्नलिखित तीन प्रकार बताए है जो की इस प्रकार है

अन्तर्मुखी व्यक्तित्व

इस तरह के व्यक्तित्व के लोगो का स्वभाव, आदते एवं गुण बाह्य रूप से दिखायी नहीं देते है। ये आत्मकेंद्रित होते है एवं सदा अपने में मस्त रहते है।

ऐसे व्यक्ति संकोची, लज्जाशील, एकान्तप्रिय, मितभाषी, जल्दी घबराने वाले, आत्मकेंद्रित और आत्मचिंतन करने वाले होते है।

बहिर्मुखी व्यक्तित्व

इस तरह के व्यक्तित्व के लोगों की रुचि बाह्य जगत में होती है। ऐसे व्यक्ति व्यवहार में कुशल, चिन्तामुक्त, सामाजिक, आशावादी, साहसी एवं लोकप्रिय प्रवृति के होते है।

उभयमुखी व्यक्तित्व

इस तरह के व्यक्ति में अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी दोनों प्रकार के गुण पाये जाते है। इस तरह के व्यक्ति एक अच्छे लेखक और वक्ता दोनों बनते है।

स्प्रंगेर के अनुसार,

शिक्षा मनोवैज्ञानिक Spranger ने अपनी पुस्तक Types of  Man में व्यक्तित्व के प्रकार के बारे में कुछ इस प्रकार बताया है

  • सैद्धान्तिक व्यक्तित्व
  • आर्थिक व्यक्तित्व
  • सामाजिक व्यक्तित्व
  • राजनैतिक व्यक्तित्व
  • धार्मिक व्यक्तित्व
  • कलात्मक व्यक्तित्व

व्यक्तित्व का अर्थ व परिभाषा क्या है?

व्यक्तित्व की परिभाषा [Definition of Personality] “व्यक्तित्व जन्मजात एवं अर्जित विशेषताओं का योग हैं।” “यह रुचियों का वह आकलन है जो व्यक्ति के व्यवहार को एक विशेष तरह का व्यक्तित्व रूप प्रदान करता हैं।” “यह व्यक्ति के अंदर उन मनोशारीरिक संस्थाओं का योग हैं, जो वातावरण के साथ उसका समायोजन स्थापित करता हैं।”

व्यक्तित्व क्या है और इसके प्रकार

व्यक्तित्व मूड, दृष्टिकोण एवं राय को गले लगाता है व् अन्य लोगों के साथ बातचीत में सबसे स्पष्ट रूप से व्यक्त किया जाता है । इसमें अंतर्निहित एवं अर्जित दोनों तरह की व्यवहार संबंधी विशेषताएं सम्मिलित हैं, जो एक व्यक्ति को दूसरे से अलग करती हैं तथा जिसे लोगों के पर्यावरण व सामाजिक समूह के संबंधों में देखा जा सकता है।

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