विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahate Hein in Hindi Mein

विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahate Hein in Hindi Mein

विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahate Hein in Hindi Mein

विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahate Hein in Hindi Mein – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahate Hein in Hindi Mein के बारे में बताने वाले है तो आर्टिकल ध्यान से पढ़ियेगा ताकि आपको इसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो सके तोआइये जानते है, विद्युत फ्लक्स किसे कहते है l Vidyut Flux Kise Kahtae Hein in Hindi Mein

विद्युत फ्लक्स क्या है ?

विद्युत क्षेत्र में रखें किसी पृष्ठ से लंबवत गुजरने वाली विद्युत क्षेत्र या बल रेखाओं की संख्या को विद्युत फ्लक्स कहते हैं। इसे ΦE  से प्रदर्शित करते हैं| विद्युत फ्लक्स एक अदिश राशि है। इसको व्यक्त करने के लिए सिर्फ परिणाम की आवश्यकता होती है। इसकी कोई दिशा नहीं होती है। विद्युत फ्लक्स का मान धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य हो सकता है।

  1. धनात्मक विद्युत फ्लक्स – जब किसी पृष्ठ से गुजरने वाली विद्युत बल रेखाएं बाहर की ओर जाती है तो उसे धनात्मक विद्युत फ्लक्स कहते है। इस अवस्था में विद्युत बल रेखाएं अपसरित होती है। 
  2. ऋणात्मक विद्युत फ्लक्स – जब किसी पृष्ठ से गुजरने वाली विद्युत बल रेखाएं अंदर की ओर जाती हैं तो इसे ऋणात्मक विद्युत फ्लक्स कहते हैं। इस अवस्था में विद्युत बल रेखाएं अभिसरित होती हैं।

माना एक विद्युत क्षेत्र E में एक पृष्ठ स्थित है जिसका कुल क्षेत्र S है और अल्पांश का क्षेत्रफल dA है अतः पृष्ठ से गुजरने वाले वैद्युत फ्लक्स का मान E और dS के गुणन के बराबर होगा।

dΦ = E.dA = E.dA.Cosθ

विशेष स्थितियाँ –

स्थिति-1 – अगर θ = 0  अर्थात

अगर विद्युत क्षेत्र सतह के लंबवत है ,

तब विद्युत क्षेत्र E का लम्ब के साथ कोण शून्य है अत: cos0 = 1

 Φ = E.dS cosθ

 Φ = E.S

θ = 0 पर dΦ का मान अधिकतम होता है

स्थिति-2 – अगर  θ = 90 अर्थात

अगर विद्युत क्षेत्र सतह के समान्तर है।

E लम्ब के साथ बना कोण = 90 होगा।

अत: cos 90 = 0

 Φ = E.dS cos90

Φ = 0

θ = 90 पर dΦ का मान न्यूनतम होता है।

अगर पृष्ठ किसी असमान विद्युत क्षेत्र में स्थित है तो पृष्ठ से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए पृष्ठ को अनेक अल्पांशो में बांटा जाता है और कुल विद्युत फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए इन सभी अल्पांशो का योग किया जाता है। 

  dΦ = ∮E.dS 

समाकलन का चिन्ह यह बताता है की क्षेत्र A को अनेक छोटे-छोटे टुकड़ो (अल्पांशो) में बाँटा गया है।

अगर

θ < 90 तो फ्लक्स धनात्मक 

व θ = 90 तो फ्लक्स शून्य 

और θ > 90 तो फ्लक्स ऋणात्मक 

Vidyut Flux Ka Matrak

विद्युत फ्लक्स का मात्रक –

dΦ = E.dS

अत: वैद्युत फ्लक्स का मात्रक = E का मात्रक x ds का मात्रक

= (न्यूटन/कुलाम) x मीटर2  = N.m2C-1 अर्थात न्यूटन.मीटर2कुलाम-1

या 

E का मात्रक वोल्ट/मीटर भी लिया जा सकता है , इस स्थिति में –

dΦ का मात्रक =  (वोल्ट/मीटर ) x मीटर2  = वोल्ट x मीटर

Vidyut Flux Ka Vimiy Sutra

विद्युत फ्लक्स का विमीय सूत्र:

dΦ = E.dS

dΦ = F.dS/q

dΦ = F.dS/it

अत: विमीय सूत्र =  [M1L1T-2][L2]/[A1T1]

विमीय सूत्र =[ML3T-3A-1]होती है।

आवेश वितरण

सतत आवेश वितरण – अगर आवेश विविक्त न होकर सतत रूप से (एक समान रूप से) किसी वस्तु में वितरीत हो तो यह सतत आवेश वितरण कहलाता है। 

यह 3 प्रकार का होता है। 

  • पृष्ठीय आवेश वितरण – अगर आवेश किसी पृष्ठ क्षेत्रफल पर एक समान रूप से वितरित हो तो इसे पृष्ठीय आवेश वितरण कहते हैं। 

 जैसे – आवेशित चक्ति, चालक प्लेट आदि। 

  • रेखीय आवेश वितरण – अगर आवेश सतत रूप से किसी सीधी रेखा या तार पर वितरित हो तो इसे रेखीय आवेश वितरण कहते हैं। जैसे – आवेशित वलय, रेखीय कुचालक अदि। 
  • आयतन आवेश वितरण – अगर आवेश किसी वस्तु के आयतन में एक समान रूप से वितरित हो तो इसे आयतन आवेश वितरण कहते हैं। जैसे – गोला, घन, घनाभ अदि। 

 आवेश घनत्व – किसी वस्तु की प्रति एकांक आयतन में उपस्थिति आवेश की मात्रा को आवेश घनत्व कहते हैं। 

आवेश घनत्व 3 प्रकार का होता है। 

  • रेखीय आवेश घनत्व – किसी वस्तु की प्रति एकांक लंबाई में उपस्थित आवेश की मात्रा को रेखीय आवेश घनत्व कहते हैं। इसे λ से व्यक्त करते हैं। 

अगर q आवेश एक समान रूप से l लंबाई के तार पर सतत रूप से वितरित है तो

 रेखीय आवेश घनत्व λ = q/l

मात्रक = कूलॉम/मीटर

  • पृष्ठ आवेश घनत्व – किसी वस्तु के एकांक क्षेत्रफल में उपस्थित आवेश की मात्रा को पृष्ठ आवेश घनत्व कहते हैं। इसे σ से व्यक्त करते हैं। 

 अगर q आवेश किसी वस्तु के A पृष्ठ क्षेत्रफल में वितरित है तो

पृष्ठ आवेश घनत्व σ = q/A

मात्रक = कूलॉम/मीटर2

  • आयतन आवेश घनत्व – किसी वस्तु के एकांक आयतन में उपस्थित आवेश की मात्रा को आयतन आवेश घनत्व कहते हैं। इसे ρ से व्यक्त करते हैं। 

अगर q आवेश किसी वस्तु के v आयतन में वितरित है तो

आयतन आवेश घनत्व ρ = q/v

मात्रक = कूलॉम/मीटर3

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