वैश्वीकरण क्या है हिंदी में | Vaishvikaran kya hai Samjhaiye

वैश्वीकरण क्या है हिंदी में | Vaishvikaran kya hai Samjhaiye

वैश्वीकरण क्या है हिंदी में | Vaishvikaran kya hai Samjhaiye

वैश्वीकरण क्या है | Vaishvikaran kya hai Samjhaiye – तो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे वैश्वीकरण के बारे में और जानने कि कोशिश करेंगे कि ये वैश्वीकरण आखिर में क्या होता है और इस वैश्वीकरण के क्या लाभ है तथा इस वैश्वीकरण के उद्देश्य क्या है , तो दोस्तों अगर आप भी इस वैश्वीकरण के बारे में जानने की इच्छा रखते है , तो फिर बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक , ताकि आपके ज्ञान में और भी ज्यादा वृद्धि हो और आप कुछ नया ज्ञान प्राप्त कर सकें और अपने इस प्राप्त ज्ञान का सही जगह इस्तेमाल कर सकें। तो चलिए दोस्तों अब हम बात करेंगे वैश्वीकरण के बारे में और जानने कि कोशिश करेंगे कि ये वैश्वीकरण आखिर में है क्या और इस वैश्वीकरण के क्या लाभ है तथा इस वैश्वीकरण के उद्देश्य क्या है :-

वैश्वीकरण को इंग्लिश में ग्लोबलाइजेशन ( वैश्वीकरण :- Globalization ) कहते है

वैश्वीकरण ( Globalization ) क्या है ?

तो दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं कि आज पूरी दुनिया में व्यापार की बढ़ती हुई प्रगति ने पूरी दुनिया के देश-विदेश के बाजारों को एक-दूसरे के बहुत करीब ला करके खड़ा कर दिया है। इस वैश्वीकरण के कारण हम आज अपने द्वारा निर्मित वस्तुओं का आसानी से प्रचार-प्रसार मिनटों में कर सकते हैं और इसका आयत-निर्यात विश्व के किसी भी देश-विदेश और महाद्वीप के गांव या उनको कोने-कोने तक बटन दबाते ही कर सकते हैं।

आज हम इस वैश्वीकरण की मदद से पलक झपकते ही विश्व में बाजार की स्थिति कैसी है इस बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। जो कि अपने आप में एक जटिल परिघटना है एवं सभी नीतियों का परिणाम है जिनका उद्देश्य दुनिया को परस्पर निर्भर एवं आधुनिक एकीकृत करना है।

वैश्वीकरण क्या है :- अगर सीधे शब्दों में कहें तो जब देश विदेश के बाजार एक साथ मिलकर काम करते हैं तब ऐसी परिस्थितियां वैश्वीकरण कहलाती है इसे इंग्लिश में ग्लोबलाइजेशन कहते हैं भारतीय वैश्वीकरण एक ऐसा प्रयास है जिसमें मिलो दूर हो रही घटनाओं के प्रभाव भारत के घटनाक्रम पर स्पष्ट दिखाई देने लगे है।

वैश्वीकरण के लाभ

तो दोस्तों अगर आप भी अगर इस वैश्वीकरण के लाभ के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नीचे दिए गए पॉइंट को पढ़ना होगा तो चलिए दोस्तों देखते हैं कि वैश्वीकरण के लाभ क्या-क्या है :-

उत्पादकता में वृद्धि :-

वैश्वीकरण की मदद से बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिसके फल स्वरुप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वस्तुओं की मांग बनाए रखने के लिए देश उद्योग अपने गुणवत्ता सुधारने और अपने उत्पादकता को बढ़ाने का प्रयास करते हैं। जिससे देश के उत्पादकता में वृद्धि होती है

देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार :-

जैसे ही उत्पादन में वृद्धि होती है लोगों की आय और बचत में भी अपेक्षाकृत सुधार देखने को मिलते हैं। वैश्वीकरण की मदद से आय और बचत और उत्पादन में वृद्धि होने से देश के निवासियों के रहन-सहन के स्तर में तेजी से वृद्धि होती है , जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होता है।

नवीन तकनीकों का विकास :-

नवीन तकनीकों के विकास के लिए वैश्वीकरण के आने से देश विदेश की टेक्नोलॉजी का प्रयोग होना शुरू हो जाता है परिणाम स्वरूप देश के नए पुराने उद्योग अपने नए पुराने परंपरागत तरीकों को बदलकर आधुनिक करण की ओर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं यानी कि तकनीक का विकास तेजी से होता है।

रोजगार के अवसर में वृद्धि :-

वैश्वीकरण के कारण देश में निवेश और विदेशी करंसी का आना जाना लगा रहता है जिस से प्रगति से प्राकृतिक संसाधनों का पूर्ण उपयोग होने लगता है। जिस कारण देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने लगते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता एवं व्यापारिक संबंध बन जाने से विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर का निर्माण होता है।

दुनिया के हर क्षेत्र की कार्य कुशलता में वृद्धि :-

जैसे कि हमने आपको बताया कि वैश्वीकरण के फल स्वरुप देश-विदेश में बाजार में प्रतियोगिता का माहौल तैयार होने लगता है देश के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कुशलता में वृद्धि होती इस अभाव अभूतपूर्व बदलाव में कार्य कुशल उद्योग या तो सुधर जाते हैं या बंद कर दिए जाते हैं।

आर्थिक विकास की दर में वृद्धि :-

वैश्वीकरण के शहर में संपूर्ण अर्थव्यवस्था की संरचना में आश्चर्यजनक परिवर्तन हो जाता है देश के चाहे कोई भी क्षेत्र क्यों ना हो सभी क्षेत्र विकास की इस धारा में दौड़ने लगते हैं फल स्वरुप देश के आर्थिक विकास की दर में तेजी से वृद्धि होती है।

वस्तुओं व सेवाओं की उपलब्धता :-

वैश्वीकरण के दौर में किसी भी देश में उत्पत्ति से हर वस्तुओं व सेवाओं का लाभ विश्व के अन्य देशों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसका परिणाम यह होता है कि उपभोक्ता को कम कीमत पर अच्छी वस्तुएं और सेवाएं उपलब्ध होने लगती है।

निर्यात में तेज वृद्धि :-

वैश्वीकरण के की मदद से पुरे विश्व भर के बाज़ारो में , व्यापार में देश के हिस्से में बढ़ोतरी होती है। देश के उद्योगों में निर्मित वस्तुओं की मांग विश्व स्तर पर होने के कारण निर्यात में वृद्धि होती है।

वैश्वीकरण के उद्देश्य

तो दोस्तों अगर आप भी अगर इस वैश्वीकरण के उद्देश्य के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नीचे दिए गए पॉइंट को पढ़ना होगा तो चलिए दोस्तों देखते हैं कि वैश्वीकरण के उद्देश्य क्या-क्या है :-

आर्थिक समानता :-

वैश्वीकरण के प्रमुख उद्देश्य देश में फैली आर्थिक असमानता को दूर करना होता है क्यों कि इस वैश्वीकरण की मदद से आर्थिक असमानता को दूर कर अल्प विकसित और विकासशील देशों को विकसित देशों की श्रेणी में लाया जा सकता है ।

विकास हेतु नवीन साझेदारी करना :-

वैश्वीकरण में यही प्रयास होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संध्या और नए संगठनों के साथ देश की अर्थव्यवस्था में सर्वत्र विकास की राह सुनिश्चित की जाए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग :-

वैश्वीकरण का विश्व के समस्त देशों का अंतरराष्ट्रीय सहयोग पाना भी एक उद्देश्य होता है। व्यापारिक संबंध बनाए रखने हेतु किसी देश द्वारा अन्य देशों के लिए अपने स्तर पर सहयोग देना सीमा के अंदर प्रवेश अनुमति देना भी वैश्वीकरण के उदाहरण के लिए किसी देश द्वारा अन्य देशों तक पहुंचाए जाने वाली गैस पाइपलाइन को पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र से होकर जाने की अनुमति दी है। क्यों कि अगर देश की अर्थव्यवस्था का विकास करना है तो आपसी मतभेद को भूलना होता है और अगर कोई देश ऐसा नहीं करता है तो उसकी सजा वो खुद भुगतता है।

विश्व बंधुत्व की भावना का विकास करना :-

वैश्वीकरण के बहाने विश्व बंधुत्व की भावना का विकास होता है यदि देश में प्राकृतिक आपदा आ जाए तो शेष विश्व के देशों का यथासंभव भरपूर आर्थिक और मानवीय सहयोग प्राप्त होता है। इस उद्देश्य विश्व के सभी देशों में बंधुत्व की भावना पैदा होती हैं। जिनके कारण विश्व के अन्य देश वैश्वीकरण को स्वीकार करते हैं।

यह भी पढ़े:

वैश्वीकरण से आप क्या समझते है ?

आज पूरी दुनिया में व्यापार की बढ़ती हुई प्रगति ने पूरी दुनिया के देश-विदेश के बाजारों को एक-दूसरे के बहुत करीब ला करके खड़ा कर दिया है। इस वैश्वीकरण के कारण हम आज अपने द्वारा निर्मित वस्तुओं का आसानी से प्रचार-प्रसार मिनटों में कर सकते हैं और इसका आयत-निर्यात विश्व के किसी भी देश-विदेश और महाद्वीप के गांव या उनको कोने-कोने तक बटन दबाते ही कर सकते हैं और ये सब हम आज सिर्फ और सिर्फ वैश्वीकरण की मदद से ही कर सकते है।

सोर्स

Leave a Comment

Your email address will not be published.