सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है | System or Application Software Kya Hai

सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है | System or Application Software Kya Hai

सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है | System or Application Software Kya Hai

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है। आज हम इस आर्टिकल में इन सब बातों को कवर करेंगे तो आइए जानते हैं और भी बहुत कुछ ताकि आपके नॉलेज में और बढ़ोतरी हो।

सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है | System Software Kya Hai

सिस्टम सॉफ्टवेयर उन्हें कहा जाता हैं। जो कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर को मैनेज और कंट्रोल करता हैं। इसी की वजह से हम कंप्यूटर पर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चालू कर पाते हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर का बेस्ट उदाहरण ऑपरेटिंग सिस्टम है। ये सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर हार्डवेयर के डिवाइस को कण्ट्रोल और संचालित करने में हमारी सहायता करता है , जो की ये कंप्यूटर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग है क्यों की अगर हमारे कंप्यूटर सिस्टम में सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी काम का नहीं है ये सॉफ्टवेयर सिस्टम हमारे कंप्यूटर सिस्टम के लिए इतना खास है की बहुत से लोग तो इसको ही ऑपरेटिंग सिस्टम मानते है और ये सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर सिस्टम के सभी हार्डवेयर को कंट्रोल और कमांड देने का काम करता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर के प्रकार | System Software Ke Prakar

सिस्टम सॉफ्टवेयर पाँच प्रकार के होते है पर यू तो सॉफ्टवेयर बहुत प्रकार के होते है लेकिन मुख्य रूप से इन पाँच प्रकार के सॉफ्टवेयर को ज्यादा मान्यता प्राप्त है क्यों की इन पाँच सॉफ्टवेयर के बिना हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी काम का नहीं होता है क्यों की इन्हे सभी कंप्यूटर हार्डवेयर की प्रक्रियाओं और सभी प्रकार के कामो को कंट्रोल करने और किसी भी काम को बिना कोई रुकावट के काम करने के लिए डिजाइन किया गया है और ये हकीकत में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मिलकर यूजर के काम को बहुत ही अच्छा रिजल्ट देते है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर पाँच प्रकार के होते है और उनकी लिस्ट

  • ऑपरेटिंग सिस्टम ( Oprating System / OS )
  • फर्मवेयर ( Firmware )
  • यूटिलिटीज ( Utilities )
  • डिवाइस ड्राइवर ( Device Driver )
  • प्रोग्रामिंग लैंगुएज ट्रांसलेटर ( Programing Language Translater )

ऑपरेटिंग सिस्टम ( Oprating System / OS )

ऑपरेटिंग सिस्टम अगर दोस्तों हमारे कंप्यूटर सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल नहीं है तो हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी काम का नहीं है क्यों की पूरे कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम ही खास सॉफ्टवेयर है क्यों की जब तक हम हमारे कंप्यूटर सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल नहीं करते तब तक हम अपने कंप्यूटर सिस्टम कुछ भी यूज़ नहीं कर सकते है।

आईये जानने की कोशिश करते है की कैसे ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। मान लीजिये कोई यूजर एक रिपोर्ट लिख कर के प्रिंटर से प्रिंट निकालना चाहता है इस काम को पूरा करने के लिए उसे वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है साथ ही डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है फिर इसे अपने मॉनिटर या एलसीडी पर प्रदर्शित किया जाता है और फिर तैयार डाटा रिपोर्ट प्रिंटर को कमांड के तौर पर भेजी जाती है। अब इस काम को करने के लिए जो वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर और डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है तो इन सब को ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करना होता है। जो इनपुट और आउटपुट डिवाइस , मेमोरी और प्रिंटर को कंट्रोल करता है।

फर्मवेयर ( Firmware )

फर्मवेयर एक तरह से ऑपरेटिंग सिस्टम ही है जो OS को पहचानने के लिए रोम या एप्रोम मेमोरी चिप के अंदर इनबिल्ड रहता है। और इसका मुख्य काम अपने कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर के सभी कामो पर कंट्रोल करने का होता है।

यूटिलिटीज ( Utilities )

यूटिलिटीज भी कंप्यूटर सिस्टम सॉफ्टवेयर के प्रकारो में से एक प्रकार है जो ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बीच में रहता है। ये कंप्यूटर सिस्टम के रखरखाव के कामो के लिए एक बहुत ही अच्छा प्रोग्राम है। जो कंप्यूटर सिस्टम के बेहतरीन ढंग से काम करने के लिए सुनिश्चित करने के काम आता है। इनके सभी काम जरूरी डाटा सुरक्षा से लेकर डिस्क ड्राइव डीफ़्रैग्मेन्टेशन तक अलग-अलग होते है। ज्यादातर तृतीय-पक्ष डिवाइस है लेकिन वे ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ बण्डल में आ सकते है। ये कंप्यूटर सिस्टम में तृतीय-पक्ष डिवाइस व्यक्तिगत रूप से मौजूद है या यू कहो की इनको एक साथ बण्डल किए गए हो जैसा की हिरेन बूट सीडी , अल्टीमेट बूट सीडी और कैस्परस्की रेस्क्यू डिस्क।

उपयोगिता सॉफ्टवेयर के उदाहरणों और विशेषताओं में शामिल हैं :-

फ़ाइलों और अनुप्रयोगों की सुरक्षा के लिए एंटीवायरस और सुरक्षा सॉफ़्टवेयर, जैसे, मालवेयरबाइट्स, माइक्रो सॉफ्ट सुरक्षा अनिवार्य, और AVG। डिस्क विभाजन सेवाएं जैसे कि विंडोज डिस्क की व्यवस्था करना, ईज़ीस पार्टिशन मास्टर और पार्टिशन मैजिक।
डिस्क पर बिखरी हुई फाइलों को व्यवस्थित करने के लिए डिस्क फाइल सिस्टम के रखरखाव और उदाहरणों में डिस्क फाइल सिस्टम के रखरखाव में , परफेक्ट डिस्क , डिस्क कीपर , कोमोडो फ्री फ़ायरवॉल और लिटिल स्निच शामिल हैं।
WinRAR , Winzip , और 7-Zip जैसे डिस्क स्थान को अनुकूलित करने के लिए फ़ाइल को दबाने का काम करते है। सुरक्षा कारणों से डेटा बैकअप, जैसे, कोबियन, क्लोनज़िला और कोमोडो। हार्ड डिस्क सेंटिनल, मेमटेस्ट और परफॉर्मेंस मॉनिटर जैसी हार्डवेयर डायग्नोस्टिक सेवाएं कंप्यूटर सिस्टम में यूटिलिटीज के जरिये मौजूद होती है।
खोए हुए डेटा को वापस पाने में मदद करने के लिए डेटा रिकवरी। उदाहरणों में iCare डेटा रिकवरी, Recuva, और EaseUs डेटा रिकवरी विज़ार्ड शामिल हैं। बाहरी खतरों से सुरक्षा के लिए फ़ायरवॉल, जैसे, विंडोज फ़ायरवॉल सेवाएं कंप्यूटर सिस्टम में यूटिलिटीज के जरिये मौजूद होती है।

डिवाइस ड्राइवर ( Device Driver )

डिवाइस ड्राइवर एक प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर सिस्टम के डिवाइस को किसी अन्य दूसरे डिवाइस से जोड़ता है। ड्राइवर के बिना ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस को कोई भी काम करने की अनुमति नहीं देता है। जैसे प्रिंटर , वाई-फाई , ब्लूटूथ तथा और भी अन्य डिवाइस को कंप्यूटर सिस्टम से कनेक्ट करने के लिए ड्राइवर की जरुरत होती है।

उन डिवाइस के नाम जिन्हे ड्राइवर की जरुरत होती है :-

  • Mouse
  • Keyboard
  • Sound Card
  • Display Card
  • Network Card
  • Printer

आज कल तो आम तौर पर , ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए मार्केट में पहले से मौजूद ज्यादातर डिवाइस तो ड्राइवरों के साथ आते है और डिफ़ॉल्ट रूप से, इनपुट डिवाइस जैसे कि माउस और कीबोर्ड में उनके ड्राइवर पहले से स्थापित होंगे। उन्हें कभी भी तृतीय-पक्ष स्थापनाओं की आवश्यकता नहीं हो सकती है। लेकिन कभी कोई उपकरण ऑपरेटिंग सिस्टम में नया है , तो यूजर को डिवाइस बनाने वाली वेबसाइटों या वैकल्पिक स्रोतों से ड्राइवर डाउनलोड करने पड़ सकते हैं।

प्रोग्रामिंग लैंगुएज ट्रांसलेटर ( Programing Language Translater )

प्रोग्रमिंग लैंगुएज ट्रांसलेटर एक ऊँचे लेवल का भाषा बदलने का कोड है जो कंप्यूटर सिस्टम द्वारा भाषा का अनुवाद करता है। ये प्रोग्रामिंग लैंगुएज ट्रांसलेटर भाषा का एक संग्रह है जो मनुष्यों के लिए समझना और कोड करना आसान है (यानी, जावा, सी ++, पायथन, पीएचपी, बेसिक) ये कोड पहले जटिल कोड है जिसे केवल प्रोसेसर द्वारा ही समझा जा सकता है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है | Application Software Kya Hai

दोस्तों एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे खास कामों के लिए डिजाइन किया गया है एप्लीकेशन प्रोग्राम सामान्य उद्देश्यों के लिए भी बनाए जाते हैं लेकिन यह बड़े काम हो जैसे कि बही खाता बनाने आदि यह पैकेज बैंकों , अस्पतालों , बीमा कंपनियों और पब्लिकेशन आदि के लिए खासकर डिजाइन किए जाते हैं ये बहुत से कठीन काम को सरल बनाने और टीमों के बीच संचार को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं और यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बहुत तरीके के आते हैं जैसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस , एक्सल , वर्ल्ड , पावर पॉइंट , आउटलुक है साथ ही इंटरनेट का यूज करने के लिए निम्न प्रकार के एप्लीकेशन होती है जैसे ब्राउजर , फायरफॉक्स , गूगल क्रोम , सफारी और इंटरनेट एक्सप्लोरर आते है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाने की कोई हद नहीं है इनको सामान्य कामों के लिए भी डिजाइन किया जाता है और इनको बड़ी-बड़ी कंपनी अपने हैवी सॉफ्टवेयर को बनवाने के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों से संपर्क करती है क्यों कि एक बड़ी कंपनी के लिए अपना डाटा बहुत ही इम्पोर्टेन्ट होता है इसलिए उसको ऐसे हेवी सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है जो उसके डाटा को और प्राइवेसी को महत्व दें और बहुत से काम ऐसे भी होते हैं जो नॉर्मल ही सॉफ्टवेयर पर नहीं हो सकते इसलिए कंपनियां हेवी सॉफ्टवेयर डिजाइन करती है जैसे AutoCad , Revit , AdobeXd , Bluestack आदि।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के प्रकार | Application Software Ke Prakar

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कई प्रकार की होती है।

  • वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर
  • डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर 
  • स्प्रेडशीट सॉफ्टवेय
  • डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर 
  • मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर
  • प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर
  • अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर
  • ग्राफिक डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर

सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में अंतर | System VS Application Software Different in Hindi

सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में अंतर :-

System Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर उन्हें कहा जाता हैं। जो कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर को मैनेज और कंट्रोल करता हैं। इसी की वजह से हम कंप्यूटर पर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चालू कर पाते हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर का बेस्ट उदाहरण ऑपरेटिंग सिस्टम है। ये सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर हार्डवेयर के डिवाइस को कण्ट्रोल और संचालित करने में हमारी सहायता करता है , जो की ये कंप्यूटर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग है क्यों की अगर हमारे कंप्यूटर सिस्टम में सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी काम का नहीं है ये सॉफ्टवेयर सिस्टम हमारे कंप्यूटर सिस्टम के लिए इतना खास है की बहुत से लोग तो इसको ही ऑपरेटिंग सिस्टम मानते है और ये सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर सिस्टम के सभी हार्डवेयर को कंट्रोल और कमांड देने का काम करता है।

  • सिस्टम सॉफ्टवेयर जो है कंप्यूटर सिस्टम के संसाधनों को बनाये रखता है और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलने का रास्ता देता है।
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर में लिखने के लिए बहुत तरह की लेंगुएज का इस्तेमाल किया जाता है।
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर यह एक नार्मल और बहुत ही अच्छा सॉफ्टवेयर है।
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी काम नहीं होता है क्यों की सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर सिस्टम नहीं चलता है।
  • कंप्यूटर सिस्टम के चालू होने पर सिस्टम सॉफ्टवेयर चलने लगता है और कंप्यूटर सिस्टम के बंद होने पर सिस्टम सॉफ्टवेयर बंद हो जाता है।
  • कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद ऑपरेटिंग सिस्टम महत्वपूर्ण उदाहरण है सिस्टम सॉफ्टवेयर के लिए।
  • कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद सिस्टम सॉफ्टवेयर कठिन है एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की तुलना में।

Application Software

दोस्तों एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर एक प्रकार का सॉफ़्टवेयर है जो यूजर के जरुरत के अनुसार चलता है। यह एक प्लेटफॉर्म पर चलता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर द्वारा प्रदान किया जाता है। एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर लिखने के लिए ऊँचे लेवल की लैंगुएज का प्रयोग किया जाता है। इसका एक खास उद्देश्य सॉफ्टवेयर है। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे खास कामों के लिए डिजाइन किया गया है एप्लीकेशन प्रोग्राम सामान्य उद्देश्यों के लिए भी बनाए जाते हैं लेकिन यह बड़े काम हो जैसे कि बही खाता बनाने आदि यह पैकेज बैंकों , अस्पतालों , बीमा कंपनियों और पब्लिकेशन आदि के लिए खासकर डिजाइन किए जाते हैं ये बहुत से कठीन काम को सरल बनाने और टीमों के बीच संचार को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं और यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बहुत तरीके के आते हैं जैसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस , एक्सल , वर्ल्ड , पावर पॉइंट , आउटलुक है साथ ही इंटरनेट का यूज करने के लिए निम्न प्रकार के एप्लीकेशन होती है जैसे ब्राउजर , फायरफॉक्स , गूगल क्रोम , सफारी और इंटरनेट एक्सप्लोरर आते है।

  • जबकि इस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को खास कामों के लिए बनाया गया है।
  • जबकि एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर लिखने के लिए ऊँचे लेवल की लैंगुएज का प्रयोग किया जाता है।
  • जबकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का एक खास उद्देश्य सॉफ्टवेयर है।
  • जबकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बिना ऑपरेटिंग सिस्टम और कंप्यूटर सिस्टम चलता रहेगा।
  • जबकि एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर एक प्रकार का सॉफ़्टवेयर है जो यूजर के जरुरत के अनुसार चलता है।
  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के उदाहरण जैसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस , एक्सल , वर्ल्ड , पावर पॉइंट , आउटलुक , वीएलसी प्लेयर , फोटोशॉप आदि है।
  • कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर आसान है सिस्टम सॉफ्टवेयर के मुकाबले में।

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