Stenographer Kya Hota Hai in Hindi : स्टेनोग्राफर क्या होता है ?

Stenographer Kya Hota Hai in Hindi : स्टेनोग्राफर क्या होता है ?

Stenographer Kya Hota Hai in Hindi : स्टेनोग्राफर क्या होता है ?

स्टेनोग्राफर क्या होता है ? l Stenographer Kya Hota Hai : अगर आप एक स्टेनोग्राफर बनना चाहते हैं। और स्टेनोग्राफर बनने की पूरी जानकारी के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें। यहां पर संक्षेप में बताया गया है कि स्टेनोग्राफर क्या होता है। स्टेनोग्राफर कैसे बने ? स्टेनोग्राफर कोर्स की अवधि एवं स्टेनोग्राफर बनने के लिए योग्यता क्या होनी जरुरी है आदि।

स्टेनोग्राफर का मुख्य कार्य टाइपिंग होता है। वह बड़ी से बड़ी स्पीच को कम समय में और कम शब्दों में टाइप करता है। आपको स्टेनोग्राफर बनने के लिए स्टेनोग्राफी सीखनी पड़ती है। इस जॉब के लिए आपको शॉर्टहैंड में डिप्लोमा कोर्स करना होता है। स्टेनोग्राफर के लिए प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर दोनों में बढ़िया जॉब वैकेंसी उपस्थित है। 

स्टेनोग्राफर क्या होता है – Stenographer Kya Hota Hai

स्टेनोग्राफर एक ऐसा व्यक्ति है। जिसे एक खास तरह का ज्ञान होता है। जिसका उपयोग करके वह किसी भाषा या फिर बड़े वाक्यों को बहुत ही कम समय और शब्दों में कुछ विशेष कोड़ का इस्तेमाल करके लिख देते हैं। इसे शॉर्टहैंड भी कहते हैं। स्टेनोग्राफर अपने इस अद्भुत कोडिंग नॉलेज एवं स्टेनो मशीन के प्रयोग से बड़ी स्पीच को भी कम समय में काम शब्दों में लिख देते हैं।

स्टेनोग्राफर को टाइपिंग का बहुत ज्ञान होता है। स्टेनोग्राफर की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकारी पदों पर स्टेनोग्राफर का चयन एसएससी के द्वारा होता है। स्टेनोग्राफर के लिए सबसे अच्छी जॉब अपॉर्चुनिटी होती है न्यायालय, सरकारी दफ्तर आदि। स्टेनोग्राफर की आवश्यकता ऐसी सभी जगहों पर होती है जहां पर किसी के जरिये बोले गए शब्दों को लिखना एवं रिकॉर्ड करना होता है। यही स्टेनोग्राफर बोले गए वाक्यों को विशेष सिंबल की सहायता से शार्ट फॉर्म में लिखते हैं। तो चलिए जानते हैं कि स्टेनोग्राफर बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसके लिए पात्रता मापदंड क्या होता है और स्टेनोग्राफर कैसे बन सकते हैं।

स्टेनोग्राफर बनने के लिए योग्यता (एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया)

  • SSC स्टेनोग्राफर बनने के लिए शैक्षिक योग्यता के अंतर्गत देखा जाता है कि आप मान्यता प्राप्त किसी भी बोर्ड से 12वीं पास हो या नहीं।
  • स्टेनोग्राफर के लिए आपको टाइपिंग एवं शॉर्टहैंड का ज्ञान होना बहुत आवशयक होता है। आपकी टाइपिंग स्पीड अच्छी होनी जरुरी है और शॉर्टहैंड के लिए आप किसी भी यूनिवर्सिटी या फिर कोचिंग संस्थान से स्टेनोग्राफी को सीख सकते हैं।
  • स्टेनोग्राफर बनाने के लिए उम्र 18 से 30 वर्ष होती है। हालांकि आरक्षित वर्ग के लिए उम्र में कुछ वर्षों की छूट का भी प्रावधान है। इसलिए आप अपनी कैटेगरी के अनुसार उम्र के बारे में अच्छे से जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

स्टेनोग्राफर कोर्स कितने साल का होता है

स्टेनोग्राफर बनने के लिए आप किसी पॉलिटेक्निक कॉलेज, ITI कॉलेज तथा अन्य कॉलेज से स्टेनोग्राफी डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। अगर आप डिप्लोमाना ना भी करे तो किसी कोचिंग संस्थान से शॉर्टहैंड का कोर्स कर सकते हैं। इस तरह आप कम वक़्त में स्टेनोग्राफर बन सकते हैं। स्टेनोग्राफर का डिप्लोमा कोर्स 1 से 2 वर्ष तक का हो सकता है।

स्टेनोग्राफर कैसे बने –  SSC Stenographer Kaise Bane

अगर आप स्टेनोग्राफर बनाने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पास करते हैं। तो चले जानते हैं स्टेनोग्राफर के लिए सिलेक्शन प्रक्रिया क्या होती है। स्टेनोग्राफर के लिए सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, सामान्य गणित, जनरल नॉलेज एवं रिजनिंग आदि कोर्स से प्रश्न आते हैं।

  • स्टेनोग्राफर की लिखित परीक्षा को पास करने के लिए आपको गणित और रिजनिंग पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना होता है। जिससे आपकी परीक्षा आसानी से क्लियर हो जाती है।
  • लिखित परीक्षा को पास कर लेने के बाद टाइपिंग टेस्ट होता है। हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग एवं शॉर्टहैंड की भी परीक्षा होती है। आमतौर पर हिंदी टाइपिंग में आपकी स्पीड 25 शब्द प्रति मिनट होनी जरुरी है। एवं शॉर्टहैंड में 80 शब्द प्रति मिनट टाइपिंग स्पीड होना आवश्यक है।
  • अंग्रेजी भाषा की टाइपिंग स्पीड 35 शब्द प्रति मिनट तथा शॉर्टहैंड में 100 शब्द प्रति मिनट होने जरुरी है। ज्यादातर प्राइवेट एवंसरकारी नौकरियों में स्टेनोग्राफर पोस्ट के लिए इसी मापदंड के अनुसार टाइपिंग एवं शॉर्टहैंड की परीक्षा आयोजित होती है।

स्टेनोग्राफर के लिए जॉब अपॉर्चुनिटी

अगर आप स्टेनोग्राफी सीख जाते हैं एवं आपकी टाइपिंग स्पीड और शॉर्ट हैंड प्रैक्टिस बेहतर होती है। तो आपके पास बहुत सारी जॉब अपॉर्चुनिटी होती हैं। स्टेनोग्राफर के लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के जरिये लगभग प्रति वर्ष वैकेंसी निकलती हैं। क्योंकि स्टेनोग्राफर की जरुरत लगभग हर विभाग में होती है। 

स्टेनोग्राफर के लिए एग्जाम SSC के जरिए आयोजित करायी जाती हैं। आप इस परीक्षा को पास करके स्टेनोग्राफर की सरकारी नौकरी हासिल कर सकते हैं। आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार रेलवे, डिफेंस, नगर निगम और बैंकिंग जैसे विभागों में स्टेनोग्राफर की नौकरी कर सकते हैं। बशर्ते आपको प्रैक्टिस की आवश्यकता होती है। आप न्यायालय या फिर किसी बड़ी प्राइवेट कंपनी आदि में भी स्टेनोग्राफर की नौकरी कर सकते हैं। हालांकि बड़ी प्राइवेट कंपनियां स्टेनोग्राफी कोर्स के साथ साथ ग्रेजुएशन की भी मांग करती हैं। पर यदि आप सरकारी जॉब करना चाहते हैं। तो आप 12वीं के बाद स्टेनोग्राफी डिप्लोमा करके सरकारी जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्टेनोग्राफर की सैलरी कितनी होती है

स्टेनोग्राफर के लिए अधिकतर वैकेंसी गवर्नमेंट डिपार्टमेंट में होती हैं। यदि हम बात करें कि फ्रेशर स्टेनोग्राफर की मासिक आय कितनी होती है। तो अलग-अलग डिपार्टमेंट के अनुसार स्टेनोग्राफर की सैलरी ₹15,000 से ₹25,000 शुरुआती सैलरी होती है। कुछ वर्षों के अनुभव के साथ स्टेनोग्राफर की सैलरी ₹30,000 से ₹40,000 हो जाती है। स्टेनोग्राफर की जॉब में आपको धैर्य रखना बहुत आवश्यक होता है।

स्टेनोग्राफर का कोर्स कितने साल का होता है?

देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ITI में भी स्टेनोग्राफर का एक वर्षीय कोर्स कराया जाता है। इन संस्थानों में 100 शब्द प्रति मिनट की गति से टाइपिंग की परीक्षाएं भी ली जाती हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप स्टेनोग्राफर बन सकते हैं।

मैं 12वीं के बाद स्टेनोग्राफर कैसे बन सकता हूं?

स्टेनोग्राफर बनने के लिए कैंडिडेट किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी स्ट्रीम से न्यूनतम 55% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद पात्र हैं। इसके अतिरिक्त, कैंडिडेट को किसी भी भाषा और सबसे महत्वपूर्ण शॉर्टहैंड का अच्छा नौलेज होना चाहिए।

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