सरीया यानी शरीयत क्या होता है | Sariya Se Kya aashay hai

सरीया यानी शरीयत क्या होता है | Sariya Se Kya aashay hai

सरीया यानी शरीयत क्या होता है | Sariya Se Kya aashay hai

सरीया यानी शरीयत क्या होता है | Sariya Se Kya aashay hai – तो दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल में सरीया यानी शरीयत के बाजरे बताएंगे के ये सरीया यानी शरीयत कानून आखिर में क्या है और इस सरीया यानी शरीयत कानून की परिभाषा क्या है तथा इस्लाम में शरीयत का क्या महत्त्व है। तो दोस्तों आज हम आपको इस सरीया यानी शरीयत कानून के बारे में हर सही जानकारी प्रदान करेंगे। आपको तो दोस्तों चुकी आप सब इस सरीया यानी शरीयत के बारे में जानने के बहुत इच्छुक है इसलिए आप सब बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक ताकि आपके ज्ञान में और भी ज्यादा वृद्धि हो और आप कुछ नया सीख सकें :-

सरीया यानी शरीयत क्या होता है | Sariya Yani Shariyat kya hota hai?

शरिया कानून इस्लामिक समाज के उन नियमों का एक समूह है, जिससे पूरी दुनिया में इस्लामिक समाज को संचालित किया जाता है। शरीयत कानून इस्लाम के भीतर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से जीवन जीने के लिए व्याख्या करता है। शरीयत कानून के अनुसार बताया गया है कि इन तमाम नियमों के बीच एक मुसलमानों को कैसे जीवन व्यतीत करना चाहिए। वैसे अगर देखा जाए तो दुनिया के हर समाज और धर्म के भीतर लोगों के रहने के तौर तरीके और नियम होते हैं, ठीक उसी तरह मुसलमानों के लिए भी नियम और तौर तरीको को तैयार कर शरिया कानून यानी के शरीयत कानून को बनाया गया है।

शरीयत कानून में इस्लाम धर्म के मुसलमानों के लिए उनके घर से लेकर के राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन पर भी बहुत ही गहरा से गहरा प्रभाव डालता है, बताया जाता है कि शरीयत कानून उसे कहा जाता है जो इस्लामिक कानूनी परंपराओं और इस्लामी व्यक्तिगत तथा नैतिक आचरण पर आधारित होता है। इसके अलावा शरीयत कानून को नीचे की ओर दी गई परिभाषा में विस्तार से जाने।

-: परिभाषा :-

शरीयत (अरबी: شريعة‎), जिसे शरीया कानून और इस्लामी कानून भी कहा जाता है। इस कानून की परिभाषा दो स्रोतों से होती है। पहला इस्लाम का पन्थग्रन्थ क़ुरआन है और दूसरा इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद द्वारा दी गई मिसालें हैं (जिन्हें सुन्नाह कहा जाता है)। इस्लामी कानून को बनाने के लिए इन दो स्रोतों को ध्यान से देखकर नियम बनाए जाते हैं। इस कानून बनाने की प्रक्रिया को ‘फ़िक़्ह’ (فقه‎‎, fiqh) कहा जाता है।

शरीयत का इस्लाम में महत्त्व | Shariyat ka Islam mein Mahatv

इस्लाम में शरीयत का बहुत ही ज्यादा महत्त्व है क्यों कि इस्लाम में शरीयत कानून के तहत जिंदगी जीने का उद्देश्य बताया गया है। शरीया का मूल अर्थ है “तरीका” ( Method or Guidance ) है और इसमें अपने निजी जीवन, इबादत के तरीके, नैतिक व्यवहार, और समाज में व्यक्तिगत व्यवहार के लिए भी शरिया का बहुत ही महत्व है। शरीयत कानून में इस्लाम धर्म के मुसलमानों के लिए उनके घर से लेकर के राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन पर भी बहुत ही गहरा से गहरा प्रभाव डालता है।

शरीयत कानून की लिस्ट | Shariyat Kanun ki List

शरिया कानून अपराध, राजनीति, अर्थशास्त्र, कामुकता, पारिवारिक कानून, आहार, स्वच्छता और उपवास सहित समाज के सभी पहलुओं को शामिल करता है। परंपरागत रूप से मुस्लिम देशों में शरिया कानून को देश का कानून माना जाता था। शरिया कानून की कुछ सामान्य विशेषताओं में शामिल हैं :-

  1. ABORTION
  2. ADOPTION
  3. ADULTERY
  4. ALCOHOL
  5. APOSTASY (IRTIDAD)
  6. AQIQAH
  7. BEARD
  8. BLOOD
  9. BLOOD TRANSFUSION
  10. BODY PIERCING
  11. CHESS
  12. CIGARETTES
  13. CIRCUMCISION
  14. COLLAGEN
  15. DOG
  16. DUCK
  17. DYE
  18. FATWA
  19. FIDYA
  20. FIQH (JURISPRUDENCE)
  21. FISH
  22. FRENCH FRIES
  23. GAMBLING
  24. GELATIN
  25. GHUSL
  26. GRISTLE
  27. HAIR COLOURING
  28. HALAL
  29. HIJAMA
  30. HOMEOPATHY
  31. IJMA
  32. ISLAMIC LAW
  33. ISTIHADHA
  34. JUMU’AH
  35. JURIST
  36. KAFFARA
  37. MAKRUH
  38. MARJA’
  39. MEAT
  40. MOURNING
  41. MUFTI
  42. MURDER
  43. MURTAD
  44. MUSTAHABB
  45. NAJASA
  46. NAJIS
  47. ORGAN DONATION
  48. RIBA
  49. SHARIAH
  50. SHAVING
  51. TAB’ID
  52. TAQLID
  53. USUL AL-FIQH
  54. ZINA

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