संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai

संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai

संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai

संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai के बारे में बताने वाले है तो आर्टिकल ध्यान से पढ़ियेगा ताकि आपको इसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो सके तो आइये जानते है, संसार की सबसे महंगी वस्तु क्या है l Sansar Ki Sabse Mahangi Vastu Kya Hai

वैसे तो दुनिया में कई महंगे पदार्थ और वस्तु हैं। जिनकी कीमत करोड़ों अरबों में हैं। कई लोग सोना एवं हीरे को दुनिया की सबसे महंगी वस्तु ही समझ रहे होंगे, पर दुनिया में ऐसे कई पदार्थ हैं जिनकी कीमत दुनिया के देशों की जीडीपी से भी अधिक है। एसा ही एक पदार्थ हैं जिसे एक ग्राम बेचने पर दो-दो पाकिस्तान जैसे देशों को खरीदा जा सकता है। ये मजाक बिल्कुल भी नहीं है। दुनिया के 90% लोगों ने इस वस्तु का नाम तक नहीं सुना होगा। आइए आपको भी बताते हैं कि वो एसी कौन सी वस्तु है जिसकी कीमत इतनी अधिक है।

एंटीमैटर है पृथ्वी की सबसे महंगी वस्तु

इस चीज का नाम है एंटीमैटर Antimatter। जिसे दुनिया की सबसे महंगी वस्तु माना जाता है। इसे प्रतिपदार्थ भी कहा जाता है। प्रतिपदार्थ पदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे की पाजिट्रॉन, प्रति-प्रोटॉन, प्रति-न्यूट्रॉन में बना होता है। ये प्रति-प्रोटॉन एवं प्रति-न्युट्रॉन प्रति क्वार्कों मे बने होते हैं। यदि हम इसकी कीमत की बात करें तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। यदि इसे एक ग्राम बेचा जाए तो दुनिया के 100 छोटे-छोटे देशों को खरीदा जा सकता है। पाकिस्तान जैसे दो देश खरीदे जा सकते हैं। जी हां, इसके 1 ग्राम की कीमत 312500 अरब रुपये (3125 खरब रुपये) है। उड़ गए ना होश। ये दुनिया का सबसे महंगा पदार्थ है।

एक मिलिग्राम बनाने में लग जाते हैं 160 करोड़ रुपए

नासा की मानें तो एंटीमैटर को तैयार करने में सबसे अधिक रुपए खर्च होते हैं। इसलिए इसकी कीमत भी अधिक है। आंकड़ों की मानें तो 1 मिलीग्राम एंटीमैटर बनाने में 160 करोड़ रुपए हैं। इसकी सुरक्षा में भी सबसे अधिक खर्च किया जाता है। दुनिया में सबसे अधिक सुरक्षा व्यवस्था भी इसे प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं नासा जैसे संस्थानों में भी इसे रखने के लिए एक मजबुत सुरक्षा घेरा है। कुछ खास लोगों के अलावा प्रतिपदार्थ तक कोई भी नहीं पहुंच सकता है।

ऐसे बनाया जाता है एंटी मैटर

वैसे तो एंटीमैटर प्राकृतिक रूप से कहीं न कहीं मौजूद जरूर है। वैज्ञानिकों ने इसे बनाने में भी कामयाबी हासिल कर ली है। इस एंटीमैटर को सर्न की प्रयोगशाला में बनाया गया था। इस लैब में ही गॉड पार्टिकल को ढूंढ़ने की बात सामने आई थी। इसे बनाने में जो ऊर्जा खर्च होती है प्राप्त एंटी मैटर उसका एक अरबवां हिस्सा होता है। एंटीमैटर का उपयोग बहुत ही कम होता है। इसे हम मेडिकल लाइन, रॉकेट फ्यूल एवं न्युक्लिअर वीपेन में उपयोग करते हैं।

एंटीमैटर का काम क्या होता है?

एंटीमैटर नवीकृत ईंधन के रूप में बहुत उपयोगी होता है। पर इसे बनाने की प्रक्रिया फिल्हाल इसके ईंधन के तौर पर अंतत: होने वाले प्रयोग से कहीं ज्यादा महंगी पड़ती है। इसके अलावा आयुर्विज्ञान में भी यह कैंसर का पेट स्कैन (पोजिस्ट्रान एमिशन टोमोग्राफी) के जरिये पता लगाने में भी इसका प्रयोग होता है।

1 ग्राम एंटीमैटर का कीमत कितना है?

नासा (NASA)के मुताबिक, 1 ग्राम एंटीमैटर बनाने में करीब 43 लाख अरब रुपये लगते हैं। इतने रुपये में साढ़े 9 लाख किलो सोना आ सकता है। कैलिफॉर्नियम के 1 ग्राम की कीमत 1 करोड़ से 2.7 करोड़ डॉलर तक यानी करीब साढ़े 7 करोड़ से लेकर 19 करोड़ रुपये तक होती है। इसकी खोज 1950 में अमेरिका के कैलिफॉर्निया में हुई थी।

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