राष्ट्रीय शोक क्या होता है, नियम छुट्टी | Rashtriya Shok kya hota hai

राष्ट्रीय शोक क्या होता है, नियम छुट्टी | Rashtriya Shok kya hota hai

राष्ट्रीय शोक क्या होता है, नियम छुट्टी | Rashtriya Shok kya hota hai

राष्ट्रीय शोक क्या होता है, नियम छुट्टी | Rashtriya Shok kya hota hai – तो दोस्तों आज हम आपके सामने लेकर आए है बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी, जिसके जानने बाद आपको एहसास होगा के सच में ये बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी थी। क्यों कि आज हम आपको बताने वाले है राष्ट्रीय शोक के बारे में जो कि अभी ये बहुत ही चर्चा में है। हम आपको बताएंगे कि ये राष्ट्रीय शोक क्या होता है और इस राष्ट्रीय शोक की घोषणा कौन करता है तथा इस राष्ट्रीय शोक में क्या-क्या बंद रहता है। तो दोस्तों इन सब के अलावा भी और भी बहुत कुछ के बारे में जानने के लिए बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक बने रहे।

राष्ट्रीय शोक क्या होता है | Rashtriya Shok kya hota hai?

राष्ट्रीय शोक का मतलब है- जिनके निधन से पूरा राष्ट्र शोकाकुल हो और उनकी क्षति महसूस कर रहा हो। जिस वजह से सरकार राष्ट्रीय शोक की घोषणा करती है और एक राजपत्र अधिसूचना काली पट्टी के साथ जारी की जाती है। भारत में पहले ” राष्ट्रीय शोक ” केवल राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री के स्वर्गवास ( यानि के निधन / मृत्यु ) पर घोषित किया जाता था। हालांकि भारत में सबसे पहले राष्ट्रीय शोक राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद घोषित गया था। लेकिन समय के साथ-साथ इन नियमो में कई सारे बदलाव किए गए है, अब अन्य बड़े नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के मामलों में भी केंद्र विशेष आदेश जारी कर राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर सकता है। इसके साथ ही देश में किसी बड़े संकट के समय भी ” राष्ट्रीय शोक ” को घोषित किया जा सकता है।

-: उदाहरण :-

जैसे कि :- भारत रत्न लता मंगेशकर ( Lata Mangeshkar ) के निधन पर भारत सरकार ने दो दिन के राष्ट्रीय शोक ( National Mourning ) की घोषणा की थी।

राष्ट्रीय शोक में क्या नियम होते है | Rashtriya Shok mein kya niyam hote hai?

राष्ट्रीय शोक के दौरान फ्लैग कोड ऑफ इंडिया नियम के मुताबिक विधानसभा, सचिवालय सहित महत्वपूर्ण कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहते हैं। इसके अलावा प्रदेश में कोई औपचारिक एवं सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है और इस अवधि के दौरान समारोहों और आधिकारिक मनोरंजन पर भी प्रतिबंध रहता है। इसके अलावा देश से बाहर स्थित भारतीय दूतावासों पर भी राष्ट्रध्वज आधा झुका रहता है।

राष्ट्रीय शोक में क्या छुट्टी होती है | Rashtriya Shok mein kya chutti hoti hai?

तो दोस्तों हम आपको बताते चले की ये केंद्र सरकार के 1997 के अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रीय शवयात्रा के दौरान कोई सार्वजनिक छुट्टी जरूरी नहीं है। इस केंद्र सरकार के 1997 के अधिसूचना के अनुसार, अनिवार्य सार्वजनिक छुट्टी को इस दौरान खत्म कर दिया गया है। अब केवल इसी हालत में छुट्टी की घोषणा होती है जब राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए किसी व्यक्त‍ि का निधन हो जाता है। लेकिन अक्सर पद पर न रहने वाले बड़े नेताओं की मृत्यु के बाद भी सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी जाती है। इसके साथ ही देश में किसी बड़े संकट के समय भी ” राष्ट्रीय शोक ” को घोषित किया जा सकता है।

राष्ट्रीय शोक की घोषणा कौन करता है | Rashtriya Shok ki Ghoshna kon karta hai?

पुराने नियमो के अनुसार पहले यह घोषणा केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ही करता था। लेकिन समय के साथ-साथ इन नियमो में कई सारे बदलाव किए गए है, अब राष्ट्रीय शोक की घोषणा करने का अधिकार राज्यों को भी दिया जा चूका है। अब राज्य सरकार खुद तय कर सकती है कि किसे राष्ट्रीय सम्मान देना है या किसे नहीं देना है। बहुत सी बार तो ऐसा देखने को मिलता है कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही अलग-अलग राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते है।

-: उदाहरण :-

जैसे कि :- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर केंद्र और राज्य सरकारों ने अलग-अलग राष्ट्रीय / राजकीय शोक की घोषणाएं की थीं।

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