Rashtriya Seva Yojana Kya Hai, Ka Itihas l राष्ट्रिय सेवा योजना

Rashtriya Seva Yojana Kya Hai, Ka Itihas l राष्ट्रिय सेवा योजना

Rashtriya Seva Yojana Kya Hai, Ka Itihas l राष्ट्रिय सेवा योजना

Rashtriya Seva Yojana Kya Hai, Ka Itihas l राष्ट्रिय सेवा योजना – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको Rashtriya Seva Yojana क्या है इसका इतिहास क्या है सभी के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में सारी जानकारी प्रदान करेंगे तो आर्टिकल ध्यान से पढ़िए ताकि आपको इसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो सके तो आइये जानते है,

Rashtriya Seva Yojana l राष्ट्रिय सेवा योजना

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के द्वारा संचालित एक केन्द्रीय योजना है। जिसका उदेश्य सभी युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा गतिविधियों और कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अवसर प्रदान करना है चाहे वह +2 बोर्ड स्तर का छात्र हो, तकनीकी संस्थान, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट या विश्वविद्यालय का छात्र हो। राष्ट्रीय सेवा योजना का एकमात्र उद्देश्य युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा देने में अनुभव देना है।

राष्ट्रिय सेवा योजना का इतिहास l Rashtriya Seva Yojana History

आजादी के बाद एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शैक्षणिक संस्थानों में स्वैच्छिक राष्ट्रिय सेवा प्रारम्भ करने की सिफारिश की । इस विचार पर फिर से केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) ने जनवरी, 1950 में अपनी बैठक में विचार किया; इस क्षेत्र में अन्य देशों के विचारों एवं अनुभवों की जांच करने के बाद, बोर्ड ने सिफारिश की कि छात्रों एवं शिक्षकों को स्वैच्छिक शारीरिक काम के लिए वक़्त देना चाहिए। 1952 में सरकार के द्वारा अपनाई गई प्रथम पंचवर्षीय योजना के मसौदे में भारतीय छात्रों के द्वारा एक वर्ष के लिए सामाजिक एवं श्रम सेवा की जरुरत पर बल दिया गया था। 1958 में जवाहरलाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में समाज सेवा के विचार को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए एक शर्त माना। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय को शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय सेवा प्रारम्भ करने के लिए उपयुक्त योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

राष्ट्रिय सेवा योजना का शुभारंभ

मई 1969 में, शिक्षा मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा आयोजित छात्र प्रतिनिधियों (उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के) के एक सम्मेलन ने भी सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की कि एक राष्ट्रीय-सेवा योजना राष्ट्रीय एकीकरण के लिए एक साधन हो सकती है। विवरण पर जल्द ही कार्य किया गया एवं राजघाट पर अभिविन्यास शिविर का आयोजन करा गया। इस शिविर का समापन 7 जून 1969 को हुआ था। डीयू के केके गुप्ता को पहला स्वयंसेवक घोषित करा गया था। योजना आयोग ने चौथी पंचवर्षीय योजना के समय NSS के लिए ₹5 करोड़ के परिव्यय को मंजूरी दी, यह निर्धारित करते हुए कि चयनित संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में NSS एक पायलट परियोजना है। 24 सितंबर 1969 को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री वीकेआरवी राव ने सभी राज्यों के 37 विश्वविद्यालयों में NSS की शुरुआत की। इस योजना का विस्तार देश के सभी राज्यों एवं विश्वविद्यालयों तथा कई राज्यों में +2 स्तर के संस्थानों में भी किया गया है।

राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत प्रमुख गतिविधियां

  1. राष्ट्रीय एकता शिविर: 

राष्ट्रीय एकता शिविर (NIC) हर वर्ष आयोजित किया जाता है एवं प्रत्येक शिविर की अवधि दिन-रात बोर्डिंग एवं लॉजिंग (आना जाना एवं रुकना) के साथ 7 दिन का होता है।

2. साहसिक कार्यक्रम: 

ये कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लगभग 1500 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों के द्वारा भाग लिया जाता है, जिनमें से कम से कम 50% स्वयंसेवक लड़कियां होती हैं। ये शिविर उत्तरी पूर्व क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश एवं हिमालयी क्षेत्र में आयोजित किए जाते हैं।

3. गणतंत्र दिवस परेड शिविर: 

शिविर हर वर्ष 1 से 31 जनवरी के बीच दिल्ली में होता है। NSS का यह दल राजपथ पर नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में भी सम्मिलित होता है।

4. राष्ट्रीय युवा महोत्सव: 

देश के विभिन्न हिस्सों में राज्य सरकारों के सहयोग से राष्ट्रीय युवा महोत्सव हर वर्ष 12 से 16 जनवरी तक भारत सरकार के युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय के द्वारा आयोजित किया जाता है।

एनएसएस में ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन


राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक के रूप में नामांकन करने के लिए अपने स्कूल / कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें। राष्ट्रीय सेवा योजना में रजिस्ट्रेशन फ्री है। राष्ट्रीय सेवा योजना में स्वयंसेवक को दो वर्ष की अवधि में कुल 240 घंटे की सामाजिक सेवा समर्पित करना जरुरी है। राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक को हर वर्ष 20 घंटे उन्मुखीकरण एवं 100 घंटे सामुदायिक सेवा में देना पड़ता है।

एनएसएस के उद्देश्य:

  • जिस समुदाय में कार्य कर रहे हैं, उसे समझना।
  • समुदाय की समस्याओं को जानना एवं उन्हें हल करने के लिए उनको सम्मिलित करना।
  • सामाजिक एवं नागरिक जिम्मेदारी की भावना का विकास करना।
  • समूह स्तर पर जिम्मेदारियों को बांटने के लिए आवश्यक क्षमता का विकास करना।
  • आपातकाल एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए उनको विकसित करना।
  • राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता का अभ्यास करना।
  • नेतृत्व गुणों एवं लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को हासिल करना।
  • सामुदायिक भागेदारी को जुटाने के कौशल को हासिल करना।

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राष्ट्रीय सेवा योजना का मतलब क्या होता है?

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे औपचारिक रूप से 24 सितंबर, 1969 को प्रारम्भ किया गया। यह ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्रों तथा स्कूलों के छात्र युवाओं को अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

NSS का एकमात्र उद्देश्य युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा के तहत अपने व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए अनुभव प्रदान करना है।

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