प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना क्या है | Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana kya hai in Hindi

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना क्या है | Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana kya hai in Hindi

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना क्या है | Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana kya hai in Hindi

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना क्या है | Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana kya hai in Hindi – तो दोस्तों आज हम बात करेंगे इस आर्टिकल में प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के बारे में और जानने की कोशिश करेंगे कि ये प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना आखिर में है क्या और इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्य क्या है तथा इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के लाभ क्या है। तो दोस्तों अगर आप भी इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के बारे में जानने की इच्छा रखते है , तो फिर बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक , ताकि आपके ज्ञान में और भी ज्यादा वृद्धि हो और आप नया ज्ञान प्राप्त कर सकें और समय आने पर सही जगह अपने ज्ञान का इस्तेमाल कर सकें। तो चलिए दोस्तों अब हम बात करेंगे प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के बारे में और जानने की कोशिश करेंगे कि ये प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना आखिर में है क्या और इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्य क्या है तथा इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के लाभ क्या है :-

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना क्या है?

विश्व बैंक के अनुसार :- भारत की 67 प्रतिशत आबादी कामकाजी आयु वर्ग के भीतर थी।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा नमूना पंजीकरण प्रणाली 2018 के अनुसार :- उनमें से 47% 25 वर्ष से कम उम्र के थे। इस जनसांख्यिकी से लाभ उठाने और भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 2015 में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने देश के कुशल कार्य-बल को शिक्षित और विकसित करने के लिए प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरुआत की।

इस योजना के तहत, सरकार उन व्यक्तियों / उम्मीदवारों का मूल्यांकन और प्रमाणन करेगी जिनके पास पूर्व सीखने का अनुभव या कोई कौशल नहीं है और राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) और उद्योग के नेतृत्व वाले मानकों के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान करेगी; प्रशिक्षण, रहने और खाने की लागत के साथ-साथ मूल्यांकन और प्रमाणन शुल्क भी वहन करेगा।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना की आवश्यकता

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार :- 2020 में भारत में 4,717 मिलियन कर्मचारी थे, जिनमें से कृषि क्षेत्र में 41.19% प्रतिशत कार्य-बल थे, इसके बाद सेवा क्षेत्र (32.33% प्रतिशत) और औद्योगिक क्षेत्र (26.18% प्रतिशत) थे।

वर्ष 2019 में, भारत की श्रम जनसंख्या भागीदारी दर (जनसंख्या का प्रतिशत) 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 48.14% प्रतिशत थी; यह 15-24 वर्ष की आयु के लोगों के लिए 26.67 प्रतिशत था। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (एलएफएस) के अनुसार 2019 में भारत में बेरोजगारी की दर 20-24 वर्ष की आयु वालों के लिए 21.1 प्रतिशत और 25-29 आयु वर्ग के लिए 9.8 प्रतिशत थी।

मार्च 2021 में, भारत में 438 बेरोजगार मिलियन लोग थे जो काम करने के लिए तैयार थे। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के एक हालिया अध्ययन में यह तथ्य पाया गया कि भारत में 20 उद्योगों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं नहीं थीं जो निर्माण, रसद, स्वास्थ्य सेवा होटल, ऑटोमोबाइल और आतिथ्य सहित तेजी से बढ़ रहे हैं। ILO के अनुसार, भारत में वर्ष 2030 तक 29 मिलियन कुशल श्रमिकों की कमी होने की चुनौती होने की संभावना है। हर साल 15 मिलियन युवाओं के कार्य-बल में काम करने के साथ, कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों ने पाया है कि उनमें से 65-75% काम के लिए तैयार नहीं हैं या रोजगार पाने में सक्षम नहीं हैं यदि यह अंतर मौजूदा रास्ते पर बना रहता है तो अधिकांश उद्योग 75 और 80 के बीच कौशल अंतर की समस्याओं से ग्रस्त होंगे।

PMKVY के माध्यम से सरकार एक कुशल कार्य-बल की प्रभावशीलता को बढ़ाने की उम्मीद करती है और इस प्रकार, भारत के समग्र विकास में योगदान करती है। वर्तमान में, उद्योग की मांगों और स्थानीय स्तर पर जनसंख्या की क्षमताओं के बीच बहुत बड़ा अंतर है, जो महामारी के कारण तेजी से बढ़ रहा है। जैसा कि नियोक्ता आवश्यक योग्यता वाले लोगों को खोजने के लिए संघर्ष करते हैं, बिना योग्यता वाले कई लोग अपने जीवन में वापसी करने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, स्किलिंग की वर्तमान प्रणाली के लिए एक नई रणनीति की आवश्यकता है, क्योंकि घर से काम करना ‘मानक बन जाता है। इसके अलावा, विभिन्न उद्योगों में कार्यात्मक भूमिकाओं को अधिक बार फिर से परिभाषित किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप प्रणाली में बड़े बदलाव हो रहे हैं।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य निम्न लिखित है :-

  • रोजगार के योग्य होने के लिए युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए संलग्न करना और प्रोत्साहित करना।
  • वर्तमान कार्य-बल की उत्पादकता और क्षमता में सुधार करना और कौशल के लिए प्रशिक्षण को बाजार की वर्तमान जरूरतों के साथ संरेखित करना।
  • प्रमाणन प्रक्रिया के मानकीकरण को प्रोत्साहित करें और इसे राष्ट्रीय कौशल रजिस्ट्री स्थापित करने के लिए समग्र पैमाने पर लागू करें (एनएसआर एक सूचना डेटाबेस है जिसमें उनके द्वारा प्रदान किए गए पेशेवरों के विवरण, साथ ही साथ पृष्ठभूमि की जांच भी शामिल है। इसमें व्यक्तिगत शामिल है , अकादमिक और साथ ही व्यवसाय में काम करने वाले या काम करने वाले लोगों के रोजगार के विवरण)

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना पाठ्यक्रम

इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार के कामो का पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कराया जाएगा :-

  1. रबर कोर्स
  2. रिटेल कोर्स
  3. प्लम्बिंग कोर्स
  4. एंटरटेनमेंट मिडिया कोर्स
  5. माइनिंग कोर्स
  6. लाइफ साइंस कोर्स
  7. स्किल काउंसलिंग फोर प्रश्न विद डिसेबिलिटी कोर्स
  8. हॉस्पिटेलिटी तथा टूरिज्म कोर्स
  9. सिक्योरिटी सर्विस कोर्स
  10. कृषि कोर्स
  11. मोटर वाहन कोर्स
  12. परिधान कोर्स
  13. बीमा बैंकिंग तथा फाइनेंस कोर्स
  14. इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स
  15. निर्माण कोर्स
  16. सुंदरता तथा वेलनेस कोर्स
  17. स्वास्थ्य देखभाल कोर्स
  18. आईटी कोर्स
  19. लीठेर कोर्स
  20. हॉस्पिटेलिटी कोर्स
  21. टूरिज्म कोर्स
  22. लॉजिस्टिक्स कोर्स
  23. पावर इंडस्ट्री कोर्स
  24. आयरन तथा स्टील कोर्स
  25. जेम्स ज्वेलर्स कोर्स
  26. ग्रीन जॉब कोर्स
  27. फर्नीचर तथा फिटिंग कोर्स
  28. फ़ूड प्रोसेसिंग कोर्स
  29. भूमिकारूप व्यबस्था कोर्स
  30. निर्माण कोर्स।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना की कुछ सामान्य जानकारी

Scheme name ( योजना का नाम )प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना
Who started ( किसने आरंभ की )केन्द्र सरकार के द्वारा।
Beneficiary ( लाभार्थी )भारत देश के नागरिक
Purpose ( उद्देश्य )इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के गरीब युवाओ को रोजगार का प्रशिक्षण देना।
Official website ( आधिकारिक वेबसाइट )Click here
Year ( साल )2022
Application Type ( आवेदन का प्रकार )ऑनलाइन / ऑफलाइन दोनों ही तरीके से आप आवेदन दे सकते है।
State ( राज्य )भारत देश के हर राज्य में ये प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना लागू है।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के लाभ

इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के निम्न लाभ है जिन्हे हमने एक लिस्ट के माध्यम से नीचे कि ओर दर्शाए है , तो दोस्तों आईये जानते है कि इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के आखिर कौन-कौन से लाभ है :-

  • देश के गरीब युवाओं को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
  • प्रशिक्षण के साथ -साथ युवाओं को बाद में एक प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा जिसमे वह एक कर्मचारी के तौर पर काम कर सकता है।
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की मदद से उन सभी को प्रशिक्षण दिया जायेगा जिन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के ख़राब होने के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी।
  • प्रशिक्षण लेने के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त करने का सबसे बेहतर जरिया है।
  • प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना का लाभ देने के लिए हर राज्यों में अलग- अलग प्रशिक्षण केंद्र खोले जायेंगे।
  • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जो प्रमाण पत्र दिया जायेगा वो भारत के सभी राज्यों में मान्य होगा।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के आवेदन के लिए कुछ जरुरी दस्तावेज

इस प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के आवेदन के लिए कुछ जरुरी दस्तावेजो की जरुरत होती है। जिन्हे हमने एक लिस्ट के माध्यम से नीचे कि ओर दर्शाए है , तो दोस्तों आईये देखते है कि कौन-कौन से जरुरी दस्तावेजो की जरुरत होती है प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के आवेदन के लिए :-

  • आपका आधार कार्ड ( Your Aadhar Card )
  • शपथ पत्र ( Affidavit Card )
  • सामुदायिक प्रमाण पत्र ( community certificate )
  • परिवार का वार्षिक आय प्रमाण पत्र। ( Income Proof Certificate )
  • सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए बीपीएल प्रमाण पत्र ( BPL Certificate )
  • जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate )
  • मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी। ( Mobile NO. , Email ID )
  • लाभार्थी की पासपोर्ट साइज फोटो ( Passport size photograph of the beneficiary )

2015 की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है?

इस योजना के तहत, सरकार उन व्यक्तियों / उम्मीदवारों का मूल्यांकन और प्रमाणन करेगी जिनके पास पूर्व सीखने का अनुभव या कोई कौशल नहीं है और राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) और उद्योग के नेतृत्व वाले मानकों के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान करेगी; प्रशिक्षण, रहने और खाने की लागत के साथ-साथ मूल्यांकन और प्रमाणन शुल्क भी वहन करेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published.