ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार - in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार – in Hindi

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ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार – in Hindi | Operating System Kya hai

इस आर्टिकल में हम आपको कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बतायंगे और जानेंगे कि ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है और इनके क्या-क्या कार्य होते है तो आज हम इस पूरे आर्टिकल में इन सब चीजों के बारे में हर बात को कवर करेंगे तो आईये चलते है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार – in Hindi | What is an Operating System, its Functions and Types – in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार – in Hindi | What is an Operating System, its Functions and Types – in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है , कार्य और प्रकार – in Hindi |

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है | Operating System Kya Hai | What is Operating System in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम :- अगर दोस्तों हमारे कंप्यूटर सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल नहीं है तो हमारा कंप्यूटर सिस्टम किसी भी काम का नहीं है क्यों की पूरे कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम ही एक खास सॉफ्टवेयर होता है क्यों की जब तक हम हमारे कंप्यूटर सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल नहीं करते तब तक हम अपने कंप्यूटर सिस्टम में कुछ भी यूज़ नहीं कर सकते है।

आईये जानने की कोशिश करते है की कैसे ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। मान लीजिये कोई यूजर एक रिपोर्ट लिख कर के प्रिंटर से प्रिंट निकालना चाहता है इस काम को पूरा करने के लिए उसे वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है साथ ही डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है फिर इसे अपने मॉनिटर या एलसीडी पर प्रदर्शित किया जाता है और फिर तैयार डाटा रिपोर्ट प्रिंटर को कमांड के तौर पर भेजी जाती है। अब इस काम को करने के लिए जो वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर और डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है तो इन सब को ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करना होता है। जो इनपुट और आउटपुट डिवाइस , मेमोरी और प्रिंटर को कंट्रोल करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार | Operating System Ke Types in Hindi

दोस्तों क्या आप जानते है जिस भी डिवाइस को हम यूज़ करते है जैसे कंप्यूटर सिस्टम या मोबाइल फोन आदि इन सब को चलाने के लिए OS की जरुरत होती है। OS का मतलब होता है ऑपरेटिंग सिस्टम। क्या आप जानते है ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के आते है और अगर नहीं जानते तो हम आपको बताएंगे कि ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है तो इसी लिए बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के आखिर तक , तो आईये चलते है।

कंप्यूटर सिस्टम के ऑपरेटिंग सिस्टम प्रकार

– इस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्‍टम निम्‍न प्रकार के हैं :- 

  • बेच प्रोसेसिंग सिस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Batch Processing System OS )
  • मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi Processor OS )
  • मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multitasking OS )
  • डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Distributed OS )
  • रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Real Time OS )
  • एम्बेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Embeded OS )
  • मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi User OS )

बेच प्रोसेसिंग सिस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Batch Processing System OS )

बेच प्रोसेसिंग सिस्टम कंप्यूटर सिस्टम में यूज़ होने वाला सबसे पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है। ये बेच प्रोसेसिंग सिस्टम कंप्यूटर सिस्टम में एक बार में एक ही प्रोग्राम रन करता है लेकिन इसका यूज़ बहुत पहले हुआ करता था अब इसका यूज़ बहुत ही कम होता है। लेकिन आज भी कुछ मेनफ्रेम कंप्यूटर में इसका यूज़ होता आ रहा है।

मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi Processor OS )

दोस्तों मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज़ उन कंप्यूटर सिस्टम में किया जाता है जिस कंप्यूटर सिस्टम में एक से ज्यादा प्रोसेसर लगे होते है और जिस कंप्यूटर सिस्टम में एक से ज्यादा प्रोसेसर लगे होते है उस तक्नीक को पेरे‍लल प्रो‍सेसिंग कहा जाता है।

मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multitasking OS )

दोस्तों क्या आप जानते है मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम मे एक ही बार मे एक से ज्यादा टास्‍क ( काम ) कराए जाते हैैं। हक़ीक़त मे प्रोसेसर बहुत जल्‍दी जल्‍दी अलग अलग प्रोसेस को समय प्रदान करता है जिसे सीपीयू शेड्यूू‍लिंग के नाम से जाना जाता है। यह मल्टीटास्किंग अपना काम इतनी अधिक तेजी से करता है कि यूजर को सभी काम एक साथ होते हुए महसूस तक नहीं होता हैैं। इस मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम की मदद से हमारे टाइम में बहुत ज्यादा बचत होती है।

डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Distributed OS )

दोस्तों क्या आप जानते है कि ये डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम कई सारे प्रोसेसरों का उपयोग कर विभिन्‍न एप्‍लीकेशनो को चलाने में एक्सपर्ट हैैं तथा इन एप्‍लीकेशनो या सॉफ्टवेयरों का उपयोग भी कई सारे यूजर करते हैं इन्‍हे लूजली कपल्‍ड ऑपरेटिंग सिस्‍टम भी कहा जाता है । डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर को बहुत सारे रिसोर्स का प्रयोग करने हेतु कई सारे ऑप्शन मिल जाते हैं एवं अगर एक ऑपरेटिंग सिस्‍टम बिगड़ जाता है तो अन्‍य ऑपरेटिंग सिस्‍टम का यूज़ किया जा सकता है।

सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है ?

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Real Time OS )

दोस्तों क्या आपको पता है कि रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्‍टम डाटा प्रोसेसिंग सिस्‍टम के रूप मे भी जाना जाता हैं। इनमे किसी इवेंट को चलाने करने के लिए एक पूर्व निर्धारित समय होता है जिसे रिस्‍पांस टाइम कहा जाता है। ये प्राथमिक रूप से प्रोसेस कंट्रोल एवं टेली कम्‍यूू‍निकेशन मे अधिक प्रयोग किए जाते हैं इनका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यो, मेडीकल इमेजिंग सिस्‍टम, औद्योगिक नियंत्रण सिस्‍टम, रोबोट्स मे और हवाई यातायात नियंंत्रण ( एयर ट्राफिक कंट्रोल ) इत्‍यादि मे होता है।

– ये दो प्रकार के होते है :-

  • हार्ड रियल टाइम सिस्टम ( Hard Real Time System )
  • सॉफ्ट रियल टाइम सिस्टम ( Soft Real Time System )

हार्ड रियल टाइम सिस्टम ( Hard Real Time System )

ये हार्ड रियल टाइम सिस्टम किसी भी काम को तय किये गए टाइम पर पूरा करने की ग्यारंटी देता है और इसमें कोई दूसरी मेमोरी नहीं होती है ये बहुत ही कम मात्रा में मौजूद होती है।

सॉफ्ट रियल टाइम सिस्टम ( Soft Real Time System )

ये सॉफ्ट रियल टाइम सिस्टम कम पाबंद होते है हार्ड रियल टाइम सिस्टम के मुक़ाबले में लेकिन ये संवेदनशील कामो को अन्‍य सभी कामो से ज्यादा एहमियत देते हैैं। सॉफ्ट रियल टाइम सिस्टम का सबसे ज्यादा यूज़ मल्टीटास्किंग और वर्चुअल रियलिटी आदि में किया जाता है।

एम्बेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Embeded OS )

दोस्तों क्या आप जानते है कि एम्‍बेडेड सिस्‍टम एक ऐसे ऑपरेटिंग सिस्‍टम हैं जो कि किसी इलेक्ट्रॉनिक या अन्‍य प्रकार की हार्डवेयर डिवाइस मे ही उपस्थित रहते हैं ये रोम मे ही उपस्थित रहते हैं इनका उपयोग घरेलू उपयोग वाले उपकरण जैसे माइक्रोवेव ओवन, वाशिंग मशीन, कार मेनेजमेंट सिस्‍टम, ट्राफिक कंट्रोल सिस्‍टम इत्‍यादि मे किया जाता है।

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi User OS )

दोस्तों मल्‍टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्‍टम का प्रयोग नेटवर्क मे किया जाता है इसके जरिये से अलग-अलग यूजर एक ही बार में एक ही प्रोग्राम का प्रयोग कर सकते हैं । इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्‍टम मे यूजर के अकांंउट बना दिए जाते हैं जिससे यूजर को साॅफ्टवेयर का यूज़ करने हेतु कितनी परमीशन है , यह ज्ञात होता है और दोस्तों मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम को टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम से भी जाना जाता है।

मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम प्रकार

मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रकार से सॉफ्टवेयर है, जो कि मोबाइल फोन के अंदर इंस्टॉल किया जाता है, जिसकी मदद से यूजर मोबाइल फोन के सभी फीचर और सेंसर का उपयोग करने में सक्षम होता है जैसे कि किसी को कॉल लगाना या मैसेज करना इस प्रकार के सभी कार्य OS की मदद से किए जाते हैं , OS कई प्रकार के होते हैं तो आज के इस आर्टिकल में हम सीखेंगे मोबाइल फोन के सभी OS के बारे में.

मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम प्रकार

– इस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्‍टम निम्‍न प्रकार के हैं :- 

  • Android OS
  • BlackBerry OS
  • Apple iOS
  • Windows 8 OS

Android OS

Android एक लाइनेक्स सॉफ्टवेयर पर आधारित गूगल द्वारा विकसित मोबाइल Operating System है, यह ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है, यानि कि इस ऑपरेटिंग सिस्टम का कोड मुफ्त में उपलब्ध होता है और कोई भी प्रोग्रामर इसका कोड लेकर अपने अनुसार कोड में बदलाव करके ला सकता है। इसमें यह कई एप्प एक साथ चलाने की सुविधा देता है इसलिए अन्य OS की तुलना में बेहतर होता है। एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम के ओपन सोर्स होने के कारण यह कई प्रकार के हार्डवेयर उपकरणों के साथ आसानी से तालमेल कर पाता है।

BlackBerry OS

यह RIM ( Research in Motion ) कंपनी द्वारा विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे BlackBerry अपने ही ब्राण्ड के स्मार्टफोन और टैबलेट उपकरणों के लिए बनाता है। ब्लैकबेरी अन्य ओ.एस. की तुलना में सबसे अच्छा ‘बैटरी मैनेजमेंट’ उपलब्ध कराता है, जिससे यह फोन कम से कम बैटरी खर्च करता है और ये ब्लैकबेरी डिवाइस ‘पुश ई-मेल’ तकनीक के साथ आसानी से तालमेल बना लेता है , जिससे उपभोक्ता अपनी ई-मेल अपने उपकरण पर तुरन्त पढ़ सकते हैं जोकि कुछ सेकण्ड के अंदर पहले ही उन्हें भेजी गई है।

Apple iOS

यह Apple द्वारा विकसित एक मोबाइल OS है, जिसे 2007 में iPhone और iPad के लिए बनाया गया था बाद में इसे एप्पल के टीवी में स्थापित किया गया। इसका इलेक्ट्रानिक डिजाइन बहुत ही आसानी से प्रयोग किया जाने वाला तथा तेज गति से चलने से चलने वाला iOS है। ये iOS यजर इंटरफेस किसी अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में सबसे अच्छा और आसानी से एवं तेजी से अपडेट होता है। एप्पल उपभोक्ता को अपने आईफोन और आईपोड का डाटा डेस्कटॉप कम्प्यूटर के साथ स्क्रिोनाइज करने में सहायता देता है। यह सुविधा एंड्राइड में उपलब्ध नहीं होती है। लेकिन एप्पल और आईट्यून सॉफ्टवेयर के द्वारा ही उपभोक्ता को अपने आईफोन और आईपैड को डेस्कटॉप कम्प्यूटर के साथ सिंक्रोनाइज करने की अनुमति देता है।

Windows 8 OS

Windows 8 ऑपरेटिंग सिस्टम को माइक्रोसॉफ्ट के डेस्कटॉप एवं लैपटॉप के लिए बनाया था, इसके अन्य प्रकार “विंडोज फोन 8” और “विंडोज आर.टी.” स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए बनाये गए हैं। कुछ एप्लीकेशन जैसे सोशल नेटवर्किंग, सर्च, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, आदि तथा मैप (मानचित्र) से जुड़ी एप्प बहुत आसानी से चलती हैं। लेकिन गूगल प्ले स्टोर और एप्पल के ऐप्पस्टोर की तुलना में विंडोज स्ट्रोर में काफी कम ऐप्प होते है और विंडोज 8 ऑपरेटिंग सिस्टम का यूजर इंटरफेस बहुत सुविधाजनक है, जिसमें हर एक एप्लीकेशन टाइल की तरह प्रदर्शित होती है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य | Operating System Work in Hindi

आईये जानने की कोशिश करते है की कैसे ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। मान लीजिये कोई यूजर एक रिपोर्ट लिख कर के प्रिंटर से प्रिंट निकालना चाहता है इस काम को पूरा करने के लिए उसे वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है साथ ही डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है फिर इसे अपने मॉनिटर या एलसीडी पर प्रदर्शित किया जाता है और फिर तैयार डाटा रिपोर्ट प्रिंटर को कमांड के तौर पर भेजी जाती है। अब इस काम को करने के लिए जो वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर और डाटा इनपुट कराने के लिए कीबोर्ड , माउस या और भी इनपुट डिवाइस का प्रयोग करना होता है तो इन सब को ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करना होता है। जो इनपुट और आउटपुट डिवाइस , मेमोरी और प्रिंटर को कंट्रोल करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के रिसोर्सेज जैसे कंप्यूटर की मेमोरी, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, हार्ड डिस्क या के अन्य सॉफ्टवेयर को कंट्रोल करता है यह ऐसा पहला प्रोग्राम है जो कंप्यूटर सिस्टम के स्विच ऑन होने के बाद रूम से कंप्यूटर सिस्टम की मुख्य मेमोरी में लोड होता है यह प्रक्रिया बूटिंग ( Booting ) कहलाती है ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर और हार्डवेयर के बीच एक इंटरफेस प्रदान करता है जिससे यूजर कंप्यूटर सिस्टम के सभी हार्डवेयर रिसार्सेज का उपयोग कर पाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) के मुख्य कार्यों के प्रकार :-

  1. सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)
  2. प्रोसेस मैनेजमेंट ( Process Management)
  3. रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Management)
  4. डाटा मैनेजमेंट ( Data Management )

ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण कौन कौन से है ?

कंप्यूटर सिस्टम के ऑपरेटिंग सिस्टम प्रकार
– इस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्‍टम निम्‍न प्रकार के हैं :- 
1. बेच प्रोसेसिंग सिस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Batch Processing System OS )
2. मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi Processor OS )
3. मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multitasking OS )
4. डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Distributed OS )
5. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ( Real Time OS )
6. एम्बेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम ( Embeded OS )
7. मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi User OS )

मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम कौन कौन से है ?

मोबाइल फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम प्रकार
– इस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्‍टम निम्‍न प्रकार के हैं :- 
1. Android OS
2. BlackBerry OS
3. Apple iOS
4. Windows 8 OS

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