Narendra Modi Speech on Independence Day in Hindi PDF 2022 – PM of India

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Narendra Modi Speech on Independence Day in Hindi PDF 2022 – PM of India

Narendra Modi Speech on Independence Day in Hindi PDF 2022 – PM of India – आज पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। हमारे देश की आजादी को 75 साल पूरे हो गए हैं। पीएम मोदी ने सबसे पहले राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर उसके बाद लालकिला पहुंचे। गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ध्वजारोहण किया और अब लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित  (Address to Nation) किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। पीएम ने कई सारे मुद्दों पर अपनी बात रखी और भ्रष्टाचार तथा परिवारवाद को लेकर बड़ी बात कही। प्रधानमंत्री ने परिवारवाद को लेकर कहा कि दुर्भाग्य से राजनीतिक क्षेत्र की इस बुराई ने देश की हर संस्थाओं में पोषित कर दिया है। 

भारत में निर्मित तोप का इस्तेमाल

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की आजादी के 75 साल बाद पहली बार लाल किले पर तिरंगे को सलामी देने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ (भारत में निर्मित) तोप का इस्तेमाल किया गया। मोदी ने कहा, ‘‘आजादी के 75 साल के बाद जिस आवाज को सुनने के लिए हमारे कान तरस रहे थे। आज 75 साल के बाद वो आवाज सुनाई दी है। 75 साल के बाद लाल किले पर तिरंगे को सलामी देने का काम पहली बार ‘मेड इन इंडिया’ तोप ने किया है।’’

पीएम ने कही ये अहम बात

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री एक अहम बात का जिक्र करते हुए कहा कि  सेमीकंडक्टर के उत्पादन, 5जी और आप्टिक फाइबर से शिक्षा, स्वास्थ्य को गति मिली है और आम लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ‘5जी, चिप विनिर्माण के साथ हम डिजिटिल इंडिया के जरिये जमीनी स्तर पर व्यापक बदलाव ला रहे हैं।’

देश के अलग-अलग हिस्सों से आए बच्चों से मिले पीएम

संबोधन खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए लालकिले पर पहुंचे विभिन्न राज्यों के बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम ने पंजाब से आए बच्चों से भांगड़ा करने का आग्रह किया औऱ बच्चों ने अपनी प्रस्तुति भी दी। 

परिवारवाद और भाई भतीजावाद पर प्रहार

परिवारवाद हमारी अनेक संस्थाओं को अपने में लपेटे हुए है, उसके कारण मेरे देश के टैलेंट को खतरा हो जाता है.. इस परिवारवाद, भाई भतीजावाद से हमें हर संस्थाओं में नफरत पैदा करनी होगी जो संस्थाओं के भविष्य के लिए जरूरी है। राजनीति में भी परिवारवाद ने काफी नुकसान किया है क्योंकि उसको देश की भलाई से कुछ नहीं लेना होता है.. आइए हिंदुस्तान की राजनीति और सभी संस्थाओं  के शुद्धिकरण के लिए हमें योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाना होगा। मैं आपके उज्जवल भविष्य के लिए मैं भाई भतीजावाद के खिलाफ लड़ाई में आपका साथ चाहता हूं, ये लोकतंत्र की जिम्मेदारी मानता हूं मैं- पीएम मोदी

भ्रष्टाचार को खत्म करना होगा- पीएम मोदी

भ्रष्टाचार के खिलाफ हिंदुस्तान एक नए कालखंड में कदम रखता है। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला करना है। मुझे इसके खिलाफ लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर ले जाना है, मुझे इसके खिलाफ आपका समर्थन और सहयोग चाहता हूं। मैं अपने सामान्य नागरिक के लिए आन बान और शान के साथ जीने का रास्ता बनाना चाहता हूं। यहां भ्रष्टाचार के प्रति भी कुछ मामलों में नरमी बरती जाती है… जब तक समाज में गंदगी के प्रति नफरत नहीं होती है तो तब तक स्वच्छता नहीं होती है.. भ्रष्टाचारियों के प्रति हमें जागरूर होनी की जरूरत है। दुर्भाग्य से राजनीतिक क्षेत्र की इस बुराई ने देश की हर संस्थाओं में पोषित कर दिया है। इसके कारण मेरे देश के टैलेंट को नुकसान होता है। मेरे देश के सामर्थ्य को नुकसान होता है- पीएम मोदी

मैं दो विषयों पर चर्चा करना चाहता हूं- पीएम

इस 25 वर्ष के अमृतकाल की हम जब चर्चा करते हैं तो मुझे पता है कि चुनौतियां अनेक हैं, मुसीबतें हैं, बहुत कुछ हैं, हम इसे कम नहीं आंकते हैं, रास्ते खोजते हैं। मैं दो विषयों पर चर्चा करना चाहता हूं, मैं मानता हूं कि इन चुनौतियों के कारण, विकृतियों के कारण, हम इस 25 साल के अमृतकाल को लेकर अगर हम समय पर नहीं चेते तो ये विकराल रूप ले सकते हैं।  पहला- भ्रष्टाचार, दूसरा है भाई भतीजावाद, परिवारवाद। भारत जैसे लोकतंत्र में जहां लोग गरीबी से जूझ रहे हैं। एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है, एक तरफ वो लोग हैं जिनको चोरी का माल रखने की जगह नहीं है। हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना है- पीएम मोदी

नारीशक्ति का अमूल्य योगदान

Quotingपीएम मोदी

नारी शक्ति आज हर क्षेत्र में सिरमौर है। आज हम पुलिस में देखें, हमारी नारी शक्ति लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है। खेल हो या युद्ध, भारत की नारीशक्ति का अहम योगदान है। आने वाले 25 सालों में मैं देश में नारी शक्ति का अहम योगदान देख रहा हूं। हम जितनी ज्यादा सुविधाएं बेटियों को देंगे, वो उससे कहीं ज्यादा हमें लौटाकर देंगी। इस अमृतकाल में जितनी ज्यादा मेहनत नारीशक्ति की होगी, हमारा समय उतना कम होगा और लक्ष्य पहले हासिल होंगे- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने दिया नया नारा

जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे और जब ऊंचा उड़ेंगे तभी तो विश्व को समाधान दे पाएंगे।जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान। लाल बहादुर शास्त्री के नारे जय जवान और जय किसान आज भी प्रासंगिक है। देश की ये जरूरत है। हमारे युवा ऐसा कर सकते हैं। हम अनुसंधान में आगे बढ़ेंगे- पीएम मोदी

आत्मनिर्भर भारत का किया जिक्र

मैंने देखा है कि पांच साल का बच्चा कह रहा है कि वह अब विदेशी खिलौने से नहीं खेलेगेा, जब वह ऐसा संकल्प करता है तो आत्मनिर्भर भारत उसकी रगो में दौड़ता है। दुनिया के लोग पीएलआई स्कीम के तहत भारत में आ रहे हैं। भारत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का हब बनता जा रहा है। जब हमारा ब्रह्मोस दुनिया में जाता है तो कौन सा भारतीय हीं होगा जिसका सीना चौड़ा नहीं होता होगा। हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। हमें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना बनना होगा, हमें सोलर, विंड एनर्जी का क्षेत्र हो, मिशन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल, इलेक्ट्रिक वीइकल पर जाने की बात हो हमें आत्मनिर्भर बनना होगा… हमें हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। फर्टिजाइलर से मुक्ति पाना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना होगा- पीएम मोदी

मेड इंडिया तोप ने दी तिरंगे को सलामी- पीएम

आत्मनिर्भर भारत सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज का आंदोलन है। आत्मनिर्भर भारत सरकारी एजेंडा नहीं है ये समाज का जन आंदोलन है। इसे हमें आगे बढ़ाना है। मेरे साथियों जब ये बात हमने सुनी। आज जब हमने ये बात सुनी कि जिस आवाज को सुनने के लिए 75 साल तक हमारे कान तरस रहे थे, 75 साल के बाद आज पहली बार लाल किले पर तिरंगे को मेड इंडिया तोप ने सलामी दी है। मैं देश के सेना के जवानों का अभिनंदन करता चाहता हूं। मेरे देश की सेना के जवानों का अभिनंदन करना चाहूंगा। मेरी सेना के जवानों ने, सेनानायकों ने जिस जिम्मेवारी के साथ कंधे पर उठाया है, उनको आज मैं सलाम करता हूं। सेना का जवान मौत को मुट्ठी में लेकर चलता है पीएम मोदी

नारी शक्ति का करना होगा सम्मान- पीएम मोदी

मेरे मन के अंदर का दर्द ये है कि हम नारी का अपमान करते हैं। क्या हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाले स्वभाव से मुक्ति ले सकते हैं. नारी का गौरव राष्ट्रशक्ति के संकल्प को पूरा करने में बहुत बड़ा सामर्थ्य बनने वाला है। मैं पांचवी प्रणशक्ति की बात करता हूं वो है नागरिक का कर्तव्य, जो भी लोग सफल होता है, चाहे वो व्यक्ति की हो या राष्ट्र की, उसमें कर्तव्य अहम है। हमें कर्तव्य का पालन करना होगा- पीएम

हमारे पास दुनिया को देने को बहुत कुछ है- पीएम मोदी

हमारे पास दुनिया को देने को बहुत कुछ है. व्यक्तिगत तनाव होता है तो दुनिया को योग दिखता है, जब दुनिया को सामूहकि तनाव दिखता है तो भारत का परिवार दिखता है…हम तो वो लोग हैं जो जीव में शिव देखते हैं, हम तो वो लोग हैं जो नर नाराय़णी कहते हैं, हम तो वो लोग हैं जो जो पौधे में परमात्मा है, हम तो वो लोग हैं जो  जो नदी को मां मानते हैं, हम तो वो लोग हैं जो  जो कंकर को शंकर मानते हैं। हम वो लोग हैं जिन्होंने दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का नारा दिया है। जो कहते हैं कि सत्य एक है, ये गौरव हमारा है। हम तो वो लोग हैं जो सर्वे भवंतु सुखिन: कहते हैं… ये हमारी विरासत है- पीएम मोदी

हमें सामर्थ्य पर करना होगा भरोसा- पीएम मोदी

भाईयों बहनों ढ़ाई करोड़ लोगों को इतने कम समय में बिजली कनेक्सन पहुंचाना देशवासियों ने दिखाया, खुले में शौच से मुक्ति, एक बार हम संकल्प लें तो कोई काम असंभव नहीं है.. हर क्षेत्र में पहले से गति बढ़ी है। जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे जब हम ऊंचा उड़ेंगे तो हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे। जब हम अपनी चीजों पर गर्व करते हैं तो दुनिया हमारी विरासत से प्रभावित हो रही है…आने वाले 25 साल बड़े संकल्प लेने का है.. कब तक दुनिया हमें सर्टिफिकेट बांटती रहेगी, क्या 130 करोड़ का देश अपने मानक तय नहीं कर सकता है। हमारे मन के अंदर गुलामी का तत्व नहीं होना चाहिए। जिस तरह से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनी है, कोटि कोटि लोगों के विचार के बाद नई शिक्षा नीति बनी है, ये एक ऐसा सामर्थ्य है जो हमें गुलामी से मुक्त करेगा.. हमें देश की हर भाषा पर गर्व होना चाहिए क्योंकि ये हमारे पूर्वजों ने हमें दी है। आज डिजिटल इंडिया का रूप हम देख रहे हैं.. ये नौजवान हमारे हैं जो नई नई खोज के साथ दुनिया के सामने आ रहे हैं. हमें अपने सामर्थ्य पर भरोसा करना होगा।

पंच प्रणों का किया जिक्र

Quoting पीएम मोदी

आज जब हम अमृतकाल में प्रवेश कर रहे हैं तो अगले 25 साल हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आज जब मैं यहां से 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को देखता हूं, उनके संकल्पों की अनूभूति करता हूं, तो मुझे लगता है कि मुझे उन पंच प्रणों पर अपने को संकल्पित करना होगा। जब मैं पंच प्राण की बात करता हूं तो पहला प्रण- अब देश बड़े संकल्प लेकर ही चलेगा, और वो बड़ा संकल्प है विकसित भारत, उससे कम कुछ नहीं दूसरा प्रण- किसी भी कोने में हमारे मन में गुलामी का एक अंशअभी भी है तो उसे बचने नहीं देना है। अब शत प्रतिशत सैकड़ों साल की गुलामी ने हमें जकड़कर रखा है, हमारी सोच में विकृतिया पैंदा की है, हमें गुलामी की छोटी से छोटी से चीज कहीं भी नजर आती है तो उससे मुक्ति पानी होगी। तीसरा प्रण- शक्ति हमें हमें अपनी विरासत पर गर्व होनी चाहिए। यही विरासत ने हमें गर्व प्रदान किया है। इस  चौथा प्रण- एकता औऱ एकजुटता, 130 करोड़ देशवासियों में एकता, ना कोई अपना ना कोई पराया, यह एख भारत श्रेष्ठ भारत के लिए जरूरी है पांचवा प्रण- नागरिकों का कर्तव्य, जिसमें पीएम और सीएम भी बाहर नहीं होता है. नागरिकों का कर्तव्य आने वाले 25 सालो

एसपिरेशनल सोसायटी का किया जिक्र

Quoting पीएम मोदी

मैं आज देख रहा हूं कि एसपिरेशनल सोसायटी किसी भी देश का गर्व होती है। आज हिंदुस्तान के हर वर्ग में आकांक्षाएं उफान पर हैं। देश का हर नागरिक चीजें बदलते देखना चाहता है, लेकिन इंतजार नहीं करना चाहता है, अपनी आंखों के सामने चाहता है। जब एसपिरेशनल सोसायटी होती है तो सरकारों को भी तलवार की धार पर चलना पड़ता है। मुझे विश्वास है कि हर किसी को इस एसपिरेशनल सोसायटी की आंकाक्षाओं को पूरा करना होगा। यह एसपिरेशनल सोसायटी किसी का इंतजार करने को तैयार नहीं है.. हमने पिछले दिनों देखा है कि भारत में सामूहिक चेतना का पुर्नजागरण हुआ है। अब वह संकल्प में परिवर्तित हो रहा है। पुरुषार्थ की पाराकाष्ठा जुड़ रही है औऱ सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। ये पुर्नजागरण देखिए कि 10 अगस्त तक लोगों का पता नहीं होगा, लेकिन पिछले तीन दिनों में जिस तरह देश में तिरंगे को लेकर अभियान चल पड़ा है वो पुर्नजागरण का प्रतीक है…जब देश ताली और थाली बजाकर कोरोना वॉरियर के खिलाफ खड़ा हो जाता है तो तब उस चेतना की अनुभूति हो जाती है। जब दुनिया वैक्सीन लेने को लेकर संकुचा रही थी उस समय मेरे देशवासी 200 करोड़ डोज लेकर दुनिया को संदे

भारत लोकतंत्र की जननी है- पीएम मोदी

भारत लोकतंत्र की जननी है। ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी हमारे भारत ने सिद्ध कर दिया कि हमारे पास एख अनमोल सामर्थ्य है। मेरे प्यारे देशवासियों 75 साल की यात्रा में आशाए, उम्मीदें है। सबसे प्रयास से हम यहां पहुंचे। 2014 में देश ने मुझे दायित्व दिया, मैं पहला व्यक्ति था जो आजादी के बाद जन्मा और देशवासियों को संबोधित करने का मौका मिला। जितना आपको समझ पाया हूं देशवासियों को, उसको लेकर मैंने अपना पूरा कालखंड उन लोगों को खपाने में लगाया चाहे वो दलित हो, आदिवासी हों, शिक्षक हो या छात्र… महात्मा गांधी की जो सोच थी कि अंतिम व्यक्ति को सक्षम बनाने की, उस पर काम किया- पीएम

सबके योगदान को किया याद

कल 14 अगस्त को भारत ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी बड़े भारी मन से उस विभाजन को याद करते हुए। तिरंगे की शान के लिए लोगों ने बहुत कुछ सहन किया था। देश के लिए उनका कर्तव्य नमन करने योग्य और प्रेरणा पाने योग्य है। पिछले 75 साल में देश के लिए जीने मरने वाले, देश की सुरक्षा करने वाले, देश के संकल्पों को पूरा करने वाले। चाहे सेना के जवान हो, पुलिसकर्मी हों, ब्यूरोक्रेट्स हों, जनप्रतिनिधि हों, स्थानीय स्वराज, राज्यों के प्रशासक और केंद्र के प्रशासक रहे हों, 75 साल में इन सबके योगदान को स्मरण करने का अवसर है।  देश के कोटि-कोटि नागरिकों को भी याद करने का समय है। जिन्होंने मुसीबत झेलते हुए देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है- PM

आजादी के जंग के रहे कई रूप

Quoting PM Modi

पीएम मोदी ने कहा कि देश आदिवासी बलिदान को भूल नहीं सकता है। ये देश का सौभाग्य रहा है कि आजादी की जंग के कई रूप रहे हैं। हिंदुस्तान के अनेक महापुरुष हिंदुस्तान को महान बनाते रहे हैं। । पीएम ने कहा, ‘2021 में दांडी यात्रा से प्रारंभ हुआ, देश के हर जिले, हर कोने में देशवासियों ने आजादी के अमृत महोत्सव के लिए कार्यक्रम किए। एक ही मकसद के लिए इतना बड़ा उत्सव मनाया गया हो ये पहली घटना है। उन सभी महापुरुषों को याद किया गया जिनको किसी न किसी कारणवश उनको इतिहास में जगह नहीं मिली या भुला दिया गया था। देश ने इस दौरान ऐसे बलिदानियों को नमन किया।’

तमाम क्रांतिवीरों को किया याद

पीएम मोदी ने कहा, ‘आजादी की जंग लड़ने वाले नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, श्याम प्रसाद मुखर्जी, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, नानाजी देशमुख जैसे अनगिनत ऐसे महापुरुषों को आज नमन करने का अवसर है। यह देश कृतज्ञ है मंगल पांडे, तांत्या टोपे, भगत सिंह, भगत सिंह, राजगुरु, अशफाक उल्ला खान, और अनगिनत हमारे क्रांतिवीरों ने जिन्होंने अंग्रेजों की नींव हिला दी। यह देश उन वीरांगनों का कृतज्ञ है जिन्होंने अंग्रजों को अपने साहस का बोध करा दिया।’ इस दौरान पीएम मोदी ने रानी चेन्नमा, बेगम हजरत महल, रानी लक्ष्मीबाई सहित तमाम वीरांगनों को याद किया।

देश वासियों को दी बधाई

आज भारत ही ही नहीं दुनिया के किसी ना किसी कोने में हमारा तिरंगा आन, बान और शान के साथ लहरा रहा है। मैं विश्वभर में फैले भारतप्रेमियों को, भारतीयों को इस आजादी के अमृत महोत्सव की बहुत बधाई देता हूं। आज का ये दिवस ऐतिहासिक दिवस है। एक नई राह, नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का ये शुभ अवसर पर है। आजादी की जंग में गुलामी का पूरा कालखंड संघर्ष में बीता है- पीएम मोदी

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