लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi

लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi

लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi

लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi – तो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे लोकतंत्र के बारे में और जानने की कोशिश करेंगे कि ये लोकतंत्र आखिर में होता क्या है और इसकी परिभाषा क्या है एवं इस लोकतंत्र का अर्थ क्या है तथा इस लोकतंत्र के कितने प्रकार होते है और इस लोकतंत्र की क्या विशेषताएं है। तो दोस्तों अगर आप भी इस लोकतंत्र के बारे में जानने के इच्छुक है , तो फिर बने रहे हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक , ताकि आपके ज्ञान में और भी ज्यादा वृद्धि हो और आप कुछ नया ज्ञान प्राप्त कर सकें और अपने इस प्राप्त ज्ञान का सही जगह इस्तेमाल कर सकें। तो चलिए दोस्तों अब हम बात करेंगे लोकतंत्र के बारे में और जानने की कोशिश करेंगे कि ये लोकतंत्र आखिर में होता क्या है और इसकी परिभाषा क्या है एवं इस लोकतंत्र का अर्थ क्या है तथा इस लोकतंत्र के कितने प्रकार होते है और इस लोकतंत्र की क्या विशेषताएं है :-

लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi
लोकतंत्र क्या है | Loktantra kya hai Samjhaie in Hindi

लोकतंत्र को अंग्रेजी में Democracy ( डेमोक्रेसी ) कहते है।

लोकतंत्र क्या है ?

लोकतंत्र देश का एक महत्वपूर्ण सिस्टम होता है। जिससे देश के आम नागरिक भी देश के शासन में अपना हिस्सा या योगदान दें सकते है और अपनी आज़ादी को बनाए रखने के लिए देश की जनता को लोकतंत्र की बहुत जरुरत होती है। क्यों कि दुनिया में केवल एक लोकतंत्र ही ऐसा सिस्टम है जिसके तहत आम नागरिक को अपनी पूरी आज़ादी दी जाती है और इस लोकतंत्र के तहत देश में सरकार भी खुद जनता चुनाव कर के चुनती है। क्यों कि लोकतंत्र का अर्थ ही जनता का शासन होता है। जिस लोकतंत्र को अंग्रेजी में Democracy ( डेमोक्रेसी ) कहते है।

लोकतंत्र की परिभाषा :-

लोकतंत्र की परिभाषा बहुत से महान व्यक्तियों ने अपने शब्दो में अलग-अलग शब्दो में दिए हैं। उनमें से महान राजनीतिज्ञ है – अब्राहम लिंकन, जो अमेरिका के 16वे राष्ट्रपति थे। उनके अनुसार लोकतंत्र की परिभाषा इस प्रकार हैं। अब्राहम लिंकन के अनुसार लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है। लोकतंत्र में ऐसी व्यवस्था रहती है की जनता अपनी मर्जी से सरकार चुन सकती है। लोकतंत्र एक प्रकार का शासन व्यवस्था है, जिसमे सभी व्यक्ति को समान अधिकार होता हैं। एक अच्छा लोकतंत्र वह है जिसमे राजनीतिक और सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय की व्यवस्था भी है। देश में यह शासन प्रणाली लोगो को सामाजिक, राजनीतिक तथा धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करती हैं।

नोट :- इस परिभाषा की लिंक दी गई है = click here

लोकतंत्र का अर्थ क्या है ?

इस लोकतंत्र को अंग्रेजी में Democracy ( डेमोक्रेसी ) कहते है। इस डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के दो शब्दो से मिलकर के हुई है , जैसे डेमो और क्रेसी :- डेमो का मतलब जनता तथा क्रेसी का मतलब शक्ति या शासन होता है और हिंदी में लोकतंत्र का मतलब जैसे कि लोक और तंत्र :- लोक का मतलब लोग यानि के जनता तथा तंत्र का मतलब शासन होता है। तो ये साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा है कि लोकतंत्र और डेमोक्रेसी का अर्थ एक ही है यानी के जनता का शासन या अगर हम इसे दूसरे शब्दों में ये कहे कि एक ऐसा शासन सिस्टम जिसमे आम लोगो के सर्वोच्च अधिकार उनके पास ही रहते है।

लोकतंत्र के अर्थ को और भी आसान शब्दों में समझिए :- लोगों की सरकार से अभिप्राय प्रत्यक्ष प्रजातंत्र है। सरकार के द्वारा आम लोगों पर शासन किया जाता है। सरकार आम लोगों की होती है और सरकार को आम जनता के द्वारा चुना जाता है। आम जनता के एकमत से सरकार बनती है।

लोकतंत्र के कितने प्रकार होते है ?

लोकतंत्र दो प्रकार के होते है :- 1. प्रत्यक्ष लोकतंत्र , और , 2. अप्रत्यक्ष लोकतंत्र।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र :-

प्रशासन और शासन में एक सामान्य व्यक्ति की भागीदारी। निर्माण का कार्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के उनके चुनाव का परिणाम है। प्रत्यक्ष लोकतंत्र इसका नाम है। अतीत में, प्रत्यक्ष लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था थी जो ग्रीस में मौजूद थी। यह प्रणाली केवल कम जनसंख्या वाले छोटे राज्यों या क्षेत्रों पर लागू होती है। इसे बड़े राज्य में लागू नहीं किया जा सकता है। इसे बड़े राज्य में लागू करना असंभव है। स्विट्जरलैंड में लागू की जा सकने वाली ट्रिपल प्रणाली उपरोक्त उदाहरण से स्पष्ट है। क्योंकि स्विट्जरलैंड एक छोटा सा देश है।

प्रत्यक्ष लोकतंत्र को संचालित करने के तरीके

प्रत्यक्ष लोकतंत्र को संचालित करने के तरीके के निम्न तरीके होते है :-

  1. अनिवार्य जनमत संग्रह :- यह जनमत संग्रह निर्धारित करता है कि संविधान लोगों के लाभ और आनंद के लिए बनाया जाना चाहिए या नहीं।
  2. स्वैच्छिक जनमत संग्रह :- एक कानून पर एक जनमत संग्रह किया जा सकता है यदि 30000 मतदाता या 8 कैंटन अनुरोध करते हैं। लोकतंत्र की ढाल को जनमत संग्रह के नाम से भी जाना जाता है।
  3. रिकॉल ( प्रत्यावर्तन ) :- एक ऐसी प्रणाली है जहां सरकार को जनता या सरकार के कार्यों से असंतुष्ट व्यक्ति द्वारा चुना जा सकता है। यह कार्यकाल समाप्त होने से पहले उस सरकार, या उस कार्यालय से किसी भी व्यक्ति के निष्कासन के साथ शुरू होता है। हिन्दी में हम रिकॉल कहते हैं।
  4. प्रारंभिक बैठकें :- यह वह बैठक है जहां राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाती है। भारत में वार्ड सभा एक प्रारंभिक सभा है।
  5. नौसिखियों के लिए :- यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र है। इस तरह से लोग कानून बनाने की पहल करते हैं। या मांगें। इस लोकतंत्र को सर्जक के रूप में जाना जाता है।

अप्रत्यक्ष लोकतंत्र :-

अप्रत्यक्ष लोकतंत्र को प्रतिनिधि लोकतंत्र के रूप में भी जाना जाता है। एक ऐसा लोकतंत्र जहां लोगों को वास्तविक शासन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह शक्ति जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से देती है। अप्रत्यक्ष लोकतंत्र की स्वीकृति के लिए एक उदाहरण भारत है।

  1. राष्ट्रपति शासन प्रणाली :- राष्ट्रपति इस प्रणाली में मुख्य होता है। राष्ट्रपति के पास सारी शक्तियाँ होती हैं।
  2. संसदीय प्रणाली :- राष्ट्रपति ही इस प्रणाली में शासन करता है। या, राष्ट्रपति अपनी शक्तियों में सीमित है। इस व्यवस्था में प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल का प्रभुत्व होता है। कैबिनेट और प्रधान मंत्री के पास इन शक्तियों का प्रयोग करने की शक्ति है।

लोकतंत्र की क्या विशेषताएं है ?

लोकतंत्र की निम्न विशेषताएं होती है :-

  1. लोकतंत्र में फिर से चुनाव एक निर्धारित अवधि के बाद ही संभव है। लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधियों या सरकार से खुश नहीं होना से वह अपनी इच्छा के अनुसार एक अलग प्रतिनिधि या सरकार चुन सकता है।
  2. लोकतंत्र में एक ऐसी प्रणाली होती है जो बिना किसी पक्षपात के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की अनुमति देती है और यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है।
  3. लोकतंत्र को आम तौर पर एक राज्य की सरकार के रूप में परिभाषित किया जाता है। लोगों के पास शासन करने की अंतिम शक्ति है। चुनाव सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित होते हैं।
  4. लोकतंत्र में एक निश्चित उम्र के बाद, हर कोई वोट देने का पात्र होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मतदाता युवा है या एक महिला। यह अधिकार सभी को प्राप्त है।
  5. लोकतंत्र में सत्ता का मुख्य स्रोत आम आदमी है। क्योंकि ये फैसले आम आदमी करता है कि कौन सी पार्टी बनाएगी यह सरकार?
  6. लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकारों का अधिकार है। यह मौलिक अधिकार सभी को स्वतंत्र रूप से अपनी राय और भावनाओं को व्यक्त करने की अनुमति देता है।
  7. मीडिया और अखबारों को सरकारी नीतियों पर अपनी राय रखने की आजादी है। ये नीतियां गलत नहीं हैं। लोगों के लिए सबसे अच्छा क्या है? मीडिया और समाचार पत्र इन मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से अपनी राय रख सकते हैं। समाचार पत्र और मीडिया सरकार, आम नागरिक और सरकार के बीच प्राथमिक कड़ी बने हुए हैं।
  8. लोकतंत्र शासन प्रणाली से अधिक है। यह भी जीने का एक तरीका है। सभी वर्ग के लोग पूरी श्रद्धा के साथ अपने धर्म का पालन करने में सक्षम हैं। वे किसी भी भाषा या संस्कृति को चुनने के लिए भी पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।
  9. आधुनिक समय में लोकतंत्र प्रणाली अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। यह बहुत समय के अनुकूल भी है। इससे व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। यह व्यक्ति को अपनी राय और भावनाओं को सरकार के सामने सही तरीके से व्यक्त करने की अनुमति देता है। यह लोकतंत्र प्रणाली निरंकुशता को रोकने और निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायपालिका की व्यवस्था करने में सक्षम है।

यह भी पढ़े:

लोकतंत्र को अंग्रेजी में क्या कहते है ?

लोकतंत्र को अंग्रेजी में Democracy ( डेमोक्रेसी ) कहते है।

लोकतंत्र का अर्थ क्या होता है ?

इस लोकतंत्र को अंग्रेजी में Democracy ( डेमोक्रेसी ) कहते है। इस डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के दो शब्दो से मिलकर के हुई है , जैसे डेमो और क्रेसी :- डेमो का मतलब जनता तथा क्रेसी का मतलब शक्ति या शासन होता है और हिंदी में लोकतंत्र का मतलब जैसे कि लोक और तंत्र :- लोक का मतलब लोग यानि के जनता तथा तंत्र का मतलब शासन होता है। तो ये साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा है कि लोकतंत्र और डेमोक्रेसी का अर्थ एक ही है यानी के जनता का शासन या अगर हम इसे दूसरे शब्दों में ये कहे कि एक ऐसा शासन सिस्टम जिसमे आम लोगो के सर्वोच्च अधिकार उनके पास ही रहते है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.