Gram Sadbhavana Yojana kya hai in Hindi | ग्राम सद्भावना योजना क्या है

Gram Sadbhavana Yojana kya hai in Hindi | ग्राम सद्भावना योजना क्या है

Gram Sadbhavana Yojana kya hai in Hindi | ग्राम सद्भावना योजना क्या है

आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे सद्भावना योजना के बारे में के ये आखिर ग्राम सद्भावना योजना है क्या और इस ग्राम सद्भावना योजना के क्या लाभ है तो दोस्तों अगर आप भी इस ग्राम सद्भावना योजना के बारे में जानने के इच्छुक है तो बने रहिए हमारे साथ इस आर्टिकल के आखिर तक जिससे आपके ज्ञान में और ज्यादा वृद्धि हो , तो आईये जानने की कोशिश करते है कि ये सद्भावना योजना क्या है :-

ग्राम सद्भावना योजना क्या है

तो दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत देश में हर रोज कोई ना कोई सी देश की जनता के फायदे के लिए एक योजना प्रारंभ की जाती है लेकिन देश में पहली बार यह ग्राम सद्भावना योजना की शुरुआत की गई है। जिसमें गांव के विकास में सभी लोग एक साथ आगे आएंगे और इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रधान को और उनके प्रतिनिधियों को एक साथ मिलकर गांव का विकास कराना है। इस ग्राम सद्भावना योजना के अंतर्गत कमिश्नर के चुनाव हार चुके प्रधान के प्रतिनिधियों को विकास सलाहकार नियुक्त किया जायेगा है , जिससे गांव के विकास में किसी प्रकार की कोई अड़चन ना आ सके। इसकी शुरुआत झांसी मंडल के कमिश्नर श्री अजय शंकर पांडे जी ने की है उन्होंने जालौन के डकोर विकासखंड के ग्राम रंगोली से सद्भावना ग्राम योजना का शुभारंभ फीता काटकर किया है

यह सब इसलिए करा जा रहा है कि प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में विकास कार्य तेजी से ना होने का कारण जिला प्रशासन के द्वारा शोध कराए जाने पर पता चला है कि पंचायत चुनाव में प्रधान पद के विजेता और उपविजेता के बीच मनमुटाव बढ़ता है और विकास का काम इस आपसी मनमुटाव के कारण प्रभावित होता है। इसलिए झांसी मंडल के कमिश्नर श्री अजय शंकर पांडे ने सोचा कि ऐसा ना हो इसके लिए सोमवार से जिले की चार ग्राम पंचायतों में ग्राम सद्भावना योजना की शुरुआत की गई है।

इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत अब सब एक साथ मिलकर ग्राम पंचायत के विकास का रथ खींचेगे। इस ग्राम सद्भावना योजना के अंतर्गत विजेता हुए प्रधान ही नहीं बल्कि उपविजेता की भी गांव के विकास में एक अहम भूमिका होगी। ग्राम सद्भावना योजना स्वैच्छिक है , इसके लिए जरूरी है कि संबंधित ग्राम पंचायत के विजेता और उपविजेता इस ग्राम सद्भावना योजना के काम को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो इसलिए प्रशासन के सामने सभी विजेता और उपविजेता के बीच पुराने मनमुटाव को खत्म करना चुनौती है और इसी से निपटने के लिए जिला अधिकारी श्री अजय शंकर पांडे ने प्रत्येक विजेता और उपविजेता से बातचीत करके उनको एक मंच पर एक साथ लाने की तैयारी की है जिससे कि जिले के सभी 161 ग्राम पंचायतों में तेजी से विकास का काम कर सके और गांव में शांति व्यवस्था भी मजबूती से बनी रहे ।

ग्राम सद्भावना योजना के क्या-क्या लाभ है

  • इस ग्राम सद्भावना योजना का सबसे बड़ा लाभ ये होगा की अब से गांव के किसी भी काम में कोई रुकावट नहीं होगी।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के प्रारम्भ होने के बाद से कोई भी सियासत करके गांव के विकास कार्य को नहीं रोक सकता है।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना की वजह से गांव में आपसी भाई-चारा बढ़ेगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत बी.डी.ओ. द्वारा ग्राम सद्भावना के कुशल प्रधान और विकास सलाहकार को विजिटिंग कार्ड और प्रमाण पत्र दिया जाएगा जिससे उनकी समाज में और भी ज्यादा इज़्ज़त होने लगेगी।
  • इस ग्राम सद्भावना के प्रधान के साथ-साथ जो भी जिस किसी भी अधिकारी के कार्यालय में जाएंगे , उनको बहुत इज्जत दी जाएगी। अधिकारी कुर्सी से खड़े होकर उनका अभिवादन करेंगे।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के लिए लेटर हेड अलग होगा। इस पर दोनों के हस्ताक्षर होंगे। आवेदन पत्र पर सभी विभागों को जल्द से जल्द कार्यवाही करनी होगी।
  • ग्राम सद्भावना के संयुक्त विकास संबंधी पत्र पर वर्ष में अतिरिक्त बजट किसी भी मद से गांव के विकास के लिए दिया जाएगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत अब किसी भी संयुक्त हस्ताक्षर वाले पत्र पर कार्यवाही के लिए प्रधानों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब कोई सा भी पत्र ग्राम विकास अधिकारी प्राप्त करेंगे और अनुश्रवण की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी की होगी।

इस ग्राम सद्भावना योजना को सही ढंग से गांवो में लागू करने के लिए कमिश्नर श्री अजय शंकर पांडे ने 26 मई को ग्राम प्रधानों के साथ वर्चुअल बैठक कर बात करी है और उनको ग्राम पंचायत के विकास के कामों को सही ठंग से सही समय पर करने के लिए हारे हुए प्रधानों का भी साथ लेने के लिए कहा है। कमिश्नर श्री अजय शंकर पांडे जी की इस बात पर सभी प्रधानों ने सहमति दी है। सोमवार को प्रत्येक ब्लॉक के दो-दो ग्राम पंचायतों के प्रधान और उप विजेता को कलेक्ट्रेड ऑफिस बुलाया गया था , जिसमें नवनिर्वाचित और पूर्व ग्राम प्रधान एक साथ बैठे और उनसे जिला अधिकारी ने बात की थी।

इस बैठक में बहुत से लोगो ने हिस्सा लिया था :- लोनी ब्लाक की ग्राम पंचायत इलाइचीपुर से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान हरेंद्र और उपविजेता नरेंद्र , और भोजपुर ब्लॉक के मकनपुर खेड़ा ग्राम पंचायत प्रधान मोहित और उपविजेता सुंदर राजपूत , तथा रजापुर ब्लॉक की भोवापुर ग्राम पंचायत प्रधान सुनील कुमार और उपविजेता शमशेर और इन सब के आलावा मुरादनगर ब्लाक के पुर्सी ग्राम पंचायत से प्रधान नीरपाल और उपविजेता जोगेंद्र ने बैठक में हिस्सा लिया। इनमें से कई ऐसे थे जो एक दूसरे के सामने आना तक नहीं चाहते थे और बैठक में अलग अलग गाड़ियों से आए लेकिन जबकि बैठक के बाद मनमुटाव खत्म करके एक ही गाड़ी में एक साथ अपने-अपने गांव वापस गए।

इस ग्राम सद्भावना योजना के लिए बैठक में क्या निर्णय लिए गए

इस ग्राम सद्भावना योजना के लिए बैठक में निम्न निर्णय लिए गए है :-

  • विजेता और उपविजेता को गांव के विकास के लिए एकजुट रहने के संबंध में संकल्प पत्र देना होगा। जिस गांव में तेजी से सब मिलकर के काम को अंजाम दे रहे होंगे ऐसे गांव को ग्राम सद्भावना का नाम दिया जाएगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत जीते हुए प्रधान को कुशल प्रधान और हारे हुए को विकास सलाहकार माना जाएगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत सार्वजनिक कार्यक्रम में कुशल प्रधान और विकास सलाहकार एक दूसरे को इन नामों का बैच पहनाएंगे।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत विकास सलाहकार की सलाह पर अमल किया जाएगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के अंतर्गत सभी कार्यवाही की सूचना विकास सलाहकार को लिखित रूप में दी जाएगी।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत सलाह स्वीकार करने योग्य नहीं होगी तो उसका कारण बताया जाएगा और मिलकर दूसरा विकल्प तलाशा जाएगा।
  • इस ग्राम सद्भावना योजना के तहत ग्राम पंचायत की प्रत्येक बैठक में विकास सलाहकार को विशेषतौर पर बुलाया जाएगा।

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