Fatwa Kya Hota Hai in Hindi, Ka Matlab, Arth : फतवा क्या होता है?

Fatwa Kya Hota Hai in Hindi, Ka Matlab, Arth : फतवा क्या होता है?

Fatwa Kya Hota Hai in Hindi l Ka Matlab, Arth : फतवा क्या होता है?

Fatwa Kya Hota Hai in Hindi l Ka Matlab, Arth : फतवा क्या होता है? – इस आर्टिकल में हम फतवा क्या होता है उसके बारे में बात करेंगे और फतवे का मतलब और इसका अर्थ क्या होता है सभी को इस आर्टिकल में हम बताने वाले है तो आर्टिकल ध्यान से पड़े ताकि आपको फतवे के बारे में पता चल सके।

फतवा क्या होता है l Fatwa Kya Hai

आसान भाषा में कहा जाए तो इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर क़ुरान और हदीस की रोशनी में जो हुक़्म जारी किया जाए वो फ़तवा है। पैगंबर मोहम्मद (PBUH) ने इस्लाम के हिसाब से जिस तरह से अपना जीवन व्यतीत किया उसकी जो प्रामाणिक मिसालें हैं उन्हें हदीस कहा जाता हैं। यहां यह बात भी साफ़ कर देनी ज़रूरी है कि फ़तवा हर मौलवी या इमाम जारी नहीं कर सकता है। फ़तवा कोई मुफ़्ती ही जारी कर सकता है। मुफ़्ती बनने के लिए शरिया क़ानून, कुरान और हदीस का गहन अध्ययन ज़रूरी होता है।

यानी की दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम बुख़ारी जो रात-दिन अख़बारों, टीवी चैनलों एवं ख़बरों में छाये रहते हैं उनको फ़तवा जारी करने का अधिकार नहीं है।

कौन दे सकता है फतवा l Fatwa Kon deta Hai

फतवा देने का अधिकार सिर्फ मुफ़्ती के पास ही होता है। जो की इस्लामिक धर्म गुरु के हिसाब से बहुत बड़ा पद होता है। और मुफ़्ती बनाना आसान नहीं होता है इसमें बहुत अध्ययन करना पड़ता है। इसलिए फतवा देने का अधिकार मुफ़्ती को होता है।

फतवा कहा पर मान्य होता है l Fatwe Ki Manyta

जिन देशो में शरिया क़ानून चलता है उन देशों में ही फ़तवे का लोगों की ज़िंदगी पर कोई असर हो सकता है क्योंकि वहाँ पर इसे क़ानूनन लागू कराया जा सकता है। चूंकि भारत एक लोकतान्त्रिक देश है इसलिए भारत जैसे मुल्क में इस्लामी क़ानून को लागू करवाने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए फतवो की अहमियत नहीं है, ज़्यादा से ज़्यादा किसी मुफ़्ती की राय है।

कौन नहीं दे सकता है फतवा l Fatwa Kon Nahi Deta Hai

मौलाना, हाफिज, अलीम नहीं दे सकते है फतवा क्युकी इनकी डिग्री मुफ़्ती की डिग्री से काम होती है इसलिए यह फतवा नहीं दे सकते है सिर्फ फतवा मुफ़्ती दे सकता है।

फतवा शब्द का अर्थ l Fatwe Ka Arth

फतवा का शाब्दिक अर्थ होता है किसी प्रश्न का उत्तर देना, वो प्रश्न चाहे इस्लामी हो या फिर गैर इस्लामी हो। एक वक़्त तक फतवा शब्द व्यापक अर्थ में इस्तेमाल करा जाता था लेकिन बाद में फतवा शरिया को जानने के अर्थ में विशेष हो गया।

फतवा क्यों जारी किया जाता है l Kyo kiya Jata Hai Fatwa Jari

फतवा का मतलब होता है, किसी मामले में आलिम-ए-दीन की शरियत के मुताबिक दी गई राय। इस्लाम धर्म के जानकार वहीदुद्दीन खान के मुताबिक फतवा यानी की राय जो किसी को तब दी जाती है जब वह अपना कोई निजी मसला लेकर मुफ्ती के पास जाए। फतवे का शाब्दिक अर्थ होता है सुझाव और इसका मतलब यह है कि कोई इसको मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

क्या भारत में फतवा कानूनी है | Kya bharat me fatwa kanun hai

वास्तव में, मुगल या ब्रिटिश शासन के दौर में फतवे की स्थिति जो भी हो, हमरे देश की संवैधानिक योजना के तहत स्वतंत्र भारत में इसका कोई स्थान नहीं है। एवं इसकी कोई कानूनी स्वीकृति नहीं है और इसे किसी भी कानूनी प्रक्रिया के द्वारा या तो दार-उल-क़ज़ा जारी करने वाले या फिर संबंधित व्यक्ति या उस मामले के लिए किसी को भी लागू नहीं करा जा सकता है।

‘किसी भी धर्म का व्यक्ति ले सकता है फतवा’

मुफ्ती यादे इलाही बताते हैं की शरीयत की रोशनी में फतवा या शरई हुक्म कोई भी व्यक्ति ले सकता है। फतवा लेने के लिए यह शर्त नहीं है कि वह किस धर्म से संबंध रखता है। मुफ्तियों से लोग लिखित रूप में अपनी धार्मिक सामाजिक एवं अन्य समस्याओं का इस्लामिक समाधान तथा सुझाव मांगते हैं। मुफ्ती इस्लामिक शरीयत की रोशनी में इसका हल बताते हैं। 

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