भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai

भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai

भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai

भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai – तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai के बारे में हम आपको बताने वाले है तो आर्टिकल ध्यान से पढ़ियेगा ताकि आपको इसके बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो सके तो आइये जानते है, भोजन संरक्षण क्या है ? l Bhojan Sanrakshan Ke Kya Labh Hai

हमें ऊर्जा प्राप्त करने के लिए सभी को भोजन की जरुरत होती है, भोजन खाद्य से बनता है इसलिए हमारे खाद्य को स्वच्छ रखना जरुरी है।

अगर आपका भोजन स्वच्छ नहीं रहेगा तो आपको फूड प्वाइजनिंग जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। फूड प्वाइजनिंग लोगों की मौत का एक मुख्य कारण है।

भोजन संरक्षण एवं संरक्षण के विभिन्न तरीकों के बारे में ज्यादा जानने जाने से पहले भोजन संरक्षण क्या है ( Bhojan Sanrakshan Kya Hai ) यह जानते हैं।

भोजन संरक्षण क्या है? Bhojan Sanrakshan Kya Hai 

भोजन संरक्षण भोजन को सूक्ष्मजैविक वृद्धि से रोकने का एक तरीका है, जिसमें हम खाद्य को इस तरह से रखते हैं जिससे उसमें किसी भी तरह का विषाक्तता ना आए एवं वह लंबे वक़्त तक स्वच्छ रहे।

हम भोजन को कीड़ों के जरिये किसी भी संभावित संक्रमण से बचा रहे हैं जिससे कि भोजन खराब ना हो जाए। भोजन संरक्षण का उपयोग भोजन को लंबे वक़्त तक संरक्षित करने के लिए किया जाता है।

भोजन संरक्षण के क्या उद्देश्य है?

हम सभी को पूरे साल स्वच्छ भोजन की जरुरत होती है पर पूरे वर्ष खेती नहीं होती है खेती सिर्फ चुनिंदा मौसम में होता है। इसलिए हमारे जरिये उप जाएं गए भोजन को हम लंबे वक़्त तक स्वच्छ रखने के लिए खाद्य संरक्षण की प्रक्रिया का उपयोग करते हैं।

भोजन संरक्षण के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य है:

  • माइक्रोबियल संदूषण के रोकथाम के लिए।
  • रोगजनकों कीटाणु को ख़त्म करने के लिए।
  • खाद्य विषाक्तता एवं ख़ाद्य खराब होने को कम करने के लिए।
  • हर मौसम में भोजन की पूर्ति के लिए।
  • आपातकालीन वक़्त के लिए खास लक्षण आवश्यक है।

भोजन संरक्षण के तरीके

भोजन संरक्षण प्राचीन काल से होता आ रहा है, कुछ भोजन संरक्षण विधियां हैं जो सदियों से चली आ रही है। प्रौद्योगिकी की प्रगति के कारण भोजन संरक्षण के आधुनिक तरीके विकसित किए गए हैं। रसायनों एवं प्राकृतिक पदार्थों का इस्तमाल करके भोजन संरक्षण किया जा रहा है। 

रसायन और प्राकृतिक पदार्थों का इस्तमाल जिसका उपयोग भोजन संरक्षण में किया जाता है उसे परिरक्षक कहा जाता है। 

आइए खाद्य संरक्षण विधियों पर अधिक विस्तार से विचार करें –

  1. रासायनिक विधि

माइक्रोबियल विकास को रोकने के लिए सदियों से नमक एवं खाद्य तेलों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस वजह से अचार अतिरिक्त तेल से भरपूर होता है। नमकीन बनाना नमक संरक्षण की एक विधि है। नमक लंबे वक़्त तक फलों को सुरक्षित रखता है। नमकीन मांस एवं मछलियों को भी सुरक्षित कर सकता है।

2. चीनी

एक एवं आम परिरक्षक चीनी है, चीनी एक उत्कृष्ट नमी अवशोषक है। चीनी नमी की मात्रा को कम करती है एवं माइक्रोबियल विकास को रोकती है।

3. धूम्रपान

धूम्रपान मांस एवं मछली के निर्जलीकरण को रोकता है, एवं खराब होने से बचाता है। लकड़ी का धुआं एंटी-माइक्रोबियल पदार्थों से भरपूर होता है जो पशु वसा के सड़न एवं क्षरण को धीमा कर देता है।

4. निर्जलीकरण

ये भोजन से पानी निकालने की प्रक्रिया है। भोजन को खराब होने से बचाने के लिए ये सबसे बुनियादी तरीका है।

5. विकिरण

इस क्रिया को शीत नसबंदी भी कहा जाता है। भोजन में सभी अवांछित रोगाणुओं को एक्स, यूवी एवं गामा विकिरणों के जरिये मार दिया जाता है।

भोजन संरक्षण के लाभ – Bhojan Sanrakshan Ka Labh Kya Hai ?

अगर हम खास लक्षण के लाभ देखें तो इसके कई सारे लाभ निकल के सामने आते हैं आइए कुछ निम्नलिखित बिंदुओं में पढ़ते हैं भोजन संरक्षण के लाभ क्या है?

  •  भोजन संरक्षण से भोजन को लंबे वक़्त तक स्वच्छ रखा जा सकता है।
  •  प्रक्रिया को करने के लिए ज्यादा खर्च भी नहीं आती है एवं आहार लंबे वक़्त तक स्वस्थ रहता है।
  •  संरक्षण के तरीकों से भोज्य पदार्थ में उपस्थित कीटाणु एवं जीवाणु पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं।
  •  खास किस्म के भोजन को पूरे वर्ष उपलब्ध करवाता है।
  •  भोजन संरक्षण आपातकाल वक़्त के लिए बहुत उपयुक्त है।

भोजन संरक्षण के नुकसान – Bhojan Sanrakshan Ka Nuksaan Kya Hai?

लाभ के साथ भोजन संरक्षण के कई नुकसान भी हैं जिसे आप निम्नलिखित बिंदुओं के जरिये समझ सकते हैं।

  • भोजन संरक्षण का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि भोजन का दाम अत्यधिक तेजी से बढ़ सकता है।
  • इस तकनीक से भ्रष्टाचार भी देश (Country) में बढ़ता है।
  • इस तकनीक का उपयोग लोग भोजन चोरी करने के लिए भी करते हैं। 
  • भोजन संरक्षण के लिए अत्यधिक जगह की आवश्यकता पड़ती है।
  • शिक्षण विधि में कुछ परीक्षक बहुत महंगे हैं जिसके लिए आपको अधिक पैसे लगाने पड़ते हैं।

भोजन संरक्षण से क्या लाभ है?

कुछ संरक्षण विधियों में भोज्य पदार्थ को उपचार के बाद सीलबंद करने की जरुरत होती है, ताकि उन्हें जीवाणुओं के जरिये पुनः दूषित करने से बचाया जा सके; अन्य, जैसे कि सुखाना, खाद्य पदार्थों को लंबे वक़्त तक बिना किसी विशेष नियंत्रण के संग्रहित रखने में सहायता करते हैं।

यह भी पड़े :

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *